News Cubic Studio

Truth and Reality

असम के तिनसुखिया जिले में लगी भीषण आग पर काबू पाना हुआ मुश्किल

स्मृति

असम की राजधानी दिसपुर से करीब 490 किलोमीटर दूरी पर एक तिनसुखिया जिला है। इस तिनसुखिया जिले में मौजूद है एक पब्लिक सेक्टर कंपनी, ऑयल इंडिया लिमिटेड का एक तेल का कुआ। इसी कुएं में लगी 9 जून को एक भीषण आग। सोचिए जब आग तेल के कुएं में लगी हो कितनी भयानक हो सकती है, और कितना ही भयानक वहां का माहौल होगा। 10-10 किलोमीटर दूर से सिर्फ काला धुआं दिखाई दे रहा है। अब कुएं की जो आग है वह लगातार फैलती जा रही है। खतरा इसलिए बड़ा है क्योंकि वहीं पास में एक घना जंगल है। अब अगर आग जंगल तक पहुंच गई तो उसे रोकना बहुत ही मुश्किल होगा।

असम में मई के अंत में आई भीषण बाढ़ के बाद यह नई समस्या पैदा हुई है। पास में ही कई गांव बसे हुए हैं और कुएं में से गैस लीक हो रही थी इसलिए गांव पहले ही खाली करा दिया गया। 1600 से अधिक परिवारों को राहत कैंपों में शिफ्ट किया गया है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार सभी प्रभावित परिवारों को ऑयल कंपनी द्वारा ₹30000 देने की घोषणा की गई है।

तेल के कुएं में 27 मई को सुबह 10:30 बजे के करीब तेज धमाका हुआ। धमाका होते ही कुएं के आसपास एक जबरदस्त गैस लीकेज शुरू हो गई। दिनभर में ही पूरा गांव खाली कराया गया परंतु लीकेज नहीं रुकी। कुआं बीच-बीच में तेल का फुआरा भी फेक रहा था। ऑल कंपनी से लीकेज रोके नहीं रुका और उन्होंने हाथ खड़े कर दिए।

See also  Maharashtra / Nagpur: In the city of oranges, a young man died after consuming Viagra pills, doctors were surprised to see the postmortem!

ग्लोबल एक्सपर्ट की मदद के नाम पर सिंगापुर से तीन सदस्यों की एक टीम को बुलाया गया। परन्तु वह भी नाकाम रहे, नतीजा निकला विस्फोट और आग। ऑयल कंपनी क्रूड ऑयल खोजने के लिए जमीन के भीतर खुदाई करती है। लेकिन जमीन के भीतर क्रूड ऑयल से जन्मता है तमाम खतरनाक गैस का स्टोर। कुएं के भीतर खतरनाक गैसों के प्रेशर को कंट्रोल करना जरूरी होता है। और यही खामी aayi यह नहीं हो पाया जिससे गैस लीक होने लगी। फिलहाल फायर ब्रिगेड की टीम और अन्य टीम हालात कंट्रोल करने में व आग बुझाने में लगी हुई है।