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नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन रैकेट, दो और गिरफ्तार उत्तराखंड में कोटद्वार में एक मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री सील

एक दिन पहले, दिल्ली पुलिस ने उतराखंड के कोटद्वार में एक उद्योग निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया, जहाँ नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन का निर्माण किया जा रहा था और 5 लोगों को गिरफ्तार किया।

नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन घोटाले के सिलसिले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रैकेट जिसका मास्टरमाइंड एक बी फार्मा डिग्रर होल्डर है, उसकी जड़ें डेल्ही में थी और तीन और राज्यों में फैली हुई थी, जिसे डेल्ही पुलिस ने शुक्रवार को कहा।

7 लोगों को पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है रैकेट के सिलसिले में दिल्ली और गाजियाबाद से जो अब 14 को गिरफ्तार किया जा चुका है।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि हरिद्वार उत्ताराखंड में एक पैकेजिंग यूनिट का भी पता लगाया था। जहां नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन को पैक कर दिल्ली, पंजाबी और हरयाणा को सप्लाई किया जाता था।

पुलिस ने सात गिरफ्तार लोगों के नाम नहीं बताया हो सकता है मास्टरमाइंड उनके बीच का कोई हो।गिरफ्तार लोगों में से एक ने कालाबाजारी का खुलासा किया और उसे पंजाब और हरियाणा से लाया जा रहा था। उनके हस्तक्षेप के कारण 6 और लोगों की गिरफ्तारी हुई, जो बदले में पुलिस को कोटद्वार में निर्माण इकाई में ले गए जिसे सील कर दिया गया है।

कोटद्वार की CO मनीषा जोशी का कहना है दिल्ली क्राइम ब्रांच जो चाणक्य पूरी बत्रा हॉस्पिटल से 96 इंजेक्शन नकली पाये गए थे। दिल्ली क्राइम ब्रांच हरिद्वार, रुड़की और फिर कोटद्वार आये थे। एक व्यक्ति आदित्य गौतम जो पकड़ा गया है उसने बताया कि यह पर लीज पर उसने कंपनी ले रखी थी, जिसपर मार्केटिंग का काम होता था। उन्होंने एक और नाम बताया वतन कुमार सैनी कोटद्वार किसी भी गिरफ्तारी से उन्होंने इनकार किया है।

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यहाँ कोटद्वार पुलिस सवालों के घेरे में खड़ी हो गयी है। कोटद्वार में चल रही कालाबाजारी की भनक दिल्ली क्राइम ब्रांच को लग गयी पर कोटद्वार पुलिस को नहीं। उनके क्षेत्र में क्या हो रहा है, ये दिल्ली से आई पुलिस बता रही है। आये दिन कोटद्वार से पुलिस की यही खबरें आती है आज इतने का चालान कटा काल इतने का ओर उनकी नाक के नीचे कालाबाजारी का इतना बड़ा काम चल रहा था उन्हें कोई खबर नहीं।

“दिल्ली पुलिस ने उपयोगी सूचनाओं पर काम करते हुए एक लंबी जांच में 5 दोषियों को गिरफ्तार किया और कोटद्वार, उत्तराखंड में एक ‘फार्मास्युटिकल’ यूनिट का पता लगाया, जिसकी बड़ी मात्रा में नकली रेमेडविसियर इंजेक्शन (COVIPRI) की बड़ी मात्रा में 25000 रुपये में बिक्री हुई।” यह ट्वीट CP दिल्ली ऑफिसर ने किया है। जिसमें साफ है कि कोटद्वार में नकली Remdesiver Injection बनाये जा रही थे और कोटद्वार पुलिस को खबर नहीं।