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Uttar Pradesh / Kanpur : वेंटिलेटर खाली नहीं होने की बात कह मरीज को भर्ती करने से इंकार पर सीडीओ ने तलब किया ब्योरा 


हैलट इमरजेंसी पहुंच शुरू की जांच,मची अफरातफरी 

हैलट के जिम्मेदार मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इलाज की आस में आया मरीज भगवान भरोसे है। शनिवार को शहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी का भी हैलट अस्पताल के जिम्मेदारों को खौफ नहीं था। मरीज के स्वजन के मुताबिक मकनपुर,बिल्हौर निवासी मोहमद यकूमुद्दीन (32) को कुछ दिन पहले बुखार आया था। उसके बाद उन्हेंं सांस लेने में दिक्कत होने लगी। जब गले में खराश और सांस फूलने लगी तो स्थानीय चिकित्सक को दिखाया। उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडर लगा दिया। उसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। जब ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरने लगा तो स्वजन युवक को फौरन लेकर हैलट अस्पताल भागे। शनिवार दोपहर 2:24 बजे हैलट अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे।वहां जूनियर डॉक्टरों ने वेंटिलेटर खाली नहीं होने की बात कहते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। जब स्वजन इसकी शिकायत करने के लिए ईएमओ के पास गए तो वह अपने कक्ष में ही नहीं मिले। स्वजनों का आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर ईएमओ डॉ.विनय कुमार थे,जो वहां मौके पर नहीं मिले। पूछने पर वहां के कर्मचारियों ने बताया कि वह प्रमुख अधीक्षक से मिलने गए थे। कोई मदद नहीं मिलने पर अपने मरीज को नर्सिंग होम लेकर चले गए। 

कोविड हाँस्पिटल से वेंटिलेटर की पूरी की जायेगी कमी

इस मामले की जांच करने रविवार दोपहर सीडीओ डॉ.महेंद्र कुमार हैलट इमरजेंसी पहुंचे और वहां आईसीयू में भर्ती मरीजों की स्थिति जानी और यहां व्यवस्थाओं को लेकर प्रिंसिपल प्रो आरबी कमल से पूरा ब्योरा तलब किया। सीडीओ ने बताया कि,नान कोविड आईसीयू में वेंटिलेटर की कमी मिली है,जिस पर कोविड हाँस्पिटल से वेंटिलेटर को मंगाकर आईसीयू में इसकी कमी को पूरा किया जाएगा। सीडीओ ने बताया कि,मरीज को वेंटिलेटर खाली नहीं होने की बात पर भर्ती नहीं करने का मामला गंभीर है। जांच में सभी तथ्यों को सम्मिलित किया जाएगा। प्रिंसिपल से पूरा ब्योरा तलब किया गया है। इस दौरान एडी (हेल्थ) डॉ.जीके मिश्र,डिप्टी सीएमओ डॉ.एके सिंह,जीएसवीएम मेडिकल काँलेज के प्राचार्य प्रो आरबी कमल,उप प्राचार्य डा.रिचा गिरी,प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा.ज्योति सक्सेना,न्यूरो सर्जरी के विभागाध्यक्ष डा.मनीष सिंह मौजूद रहे। इसी बीच सफीपुर उन्नाव निवासी सांस के एक मरीज को गंभीर हालत में लेकर परिजन हैलट इमरजेंसी पहुंचे लेकिन यहां उसे भर्ती नहीं किया गया।  

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