News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttarakhand / Khatima : कुयात वन्य जीव तस्कर तोताराम बॉर्डर क्रॉस करते गिरतार, 2012 से फरार चल रहा था आरोपी

 एसटीएफ कुमाऊं यूनिट पंतनगर और वन विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 2012 से फरार चल रहे संसाद चंद गिरोह के सक्रिय सदस्य रहे बीरबल उर्फ तोताराम को गिरतार कर लिया गया है।  वन्य जीव तस्कर तोताराम खटीमा वन रेंज के नखाताल से नेपाल जाने की फिराक में था। एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने आरोपी को सीमा पर दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में वन्य जीव तस्करी के पांच मुकदमे दर्ज हैं। विगत दिनों स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड को सूचना प्राप्त हुई कि अन्तरराष्ट्रीय वन तस्कर/ शिकारियों का गिरोह उत्तराखण्ड राय के जिम कार्बोट नेशनल पार्क व राजाजी पार्क में वन्य जीव जन्तुओं के शिकार के लिये सक्रिय हो गये है। सूचना पर एक माह पूर्व वन्य जीव से सबन्धित अपराधियों की तलाश के लिए एसटीएफ ने निरीक्षक सन्दीप नेगी के नेतृत्व में टीम का गठन किया । टीम ने वन्य जीव तस्करी में शामिल रहे और फरार अपराधियों की छानबीन की तो सामने फरार वन्य जीव तस्कर बीरबल उर्फ गोपी उर्फ तोताराम निवासी गन्दा नाला पानीपत हरियाणा का नाम सामने आया। आरोपी की तलाश में एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने  पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश व नेपाल के जंगलो से सूचनाएं एकत्रित की।मंगलवार को एसटीएफ और वन विभाग को सूचना मिली कि आरोपी तोताराम खटीमा के जंगलो में छिपा हुआ है।  तत्काल कार्यवाही करते हुये एसटीएफ एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने खटीमा वन प्रभाग के नखाताल कंपर्ट संया एक से बीरबल उर्फ तोताराम को गिरतार कर लिया। आरोपी को गिरतार करने वाली टीम में एसटीएफ से इंस्पेक्टर सन्दीप नेगी, एसआई यादवेन्द्र बाजवा,एसआई बृजभूषण गुरूरानी, हेड कांस्टेबल वेद प्रकाश भट्ट, कांस्टेबल बृजेन्द्र चैहान, महेंद्र नेगी, लोकेंद्र कुमार, महेन्द्र गिरी, वन विभाग से वन दरोगा संतोष सिंह भंडारी, वन दरोगा भैरव सिंह बिष्ट शामिल थे।

See also  Uttarakhand / Haridwar : The father refused to recognize the son, the mother had brought the son's body to the house, the driver of the ambulance got into trouble!