News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttar Pradesh / Mathura : सम्पत्ति कुर्क की कार्रवाही’ से मचा है मथुरा के माफिया में हडकंप!

⏺️तस्कर, शिक्षा माफिया में मचा है हडकंप
⏺️करोडों की संपत्ति जुटाने के बाद काननू को चिढा रहे थे मुहं

धारा 14(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एव समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 के अन्तर्गत कुछ साल में ही बेजां संपत्ति अर्जित कर लेने वाले माफिया के हाथ पैर फूल रहे हैं। तस्कर और माफिया के खिलाफ लगातार एक के बाद सम्पत्ति कुर्क की कार्रवाही से अपराध जगत में हडकंप की स्थिति है।
  हरियाणा और राजस्थान की सीमाओं की छूती कान्हा की नगरी और माफिया एक दूसरे के पर्याय बने हुए हैं। तेल माफिया, भू माफिया, मूर्ति तस्कर, शराब माफिया, टटलूबाज ही नहीं जीव जंतुओं की तस्करी और अपहरण उद्योग के लिए भी मथुरा बदनाम रहा है। दो राज्यों से लगती सीमा अपराधियों के लिए मथुरा को सेफ जोन बनाती हैं। हत्या कर शव ठिकाने लगाने के लिए भी मथुरा को अपराधी चुनते हैं। इतना ही नहीं साइबर क्रमिनल मथुरा में बैठकर एनसीआर के लोगों से ठगी कर रहे हैं तो टटलू वर्षों से ऐसा करते रहे हैं।

माफिया की संपत्ति कुर्क करने का ताजा सिलसिला तेल माफिया मनोज गोयल की करीब 1.15 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क होने के साथ शुरू हुआ था। सबसे बडी कार्रवाही 29 मई को तेल माफिया सुजीत प्रधान पुत्र रघुवीर निवासी पाली खेड़ा थाना हाईवे जनपद पर  लगभग 5,30,87,000 रूपये (पांच करोड़ तीस लाख सताशी हजार रुपये) की अचल सम्पत्ति कुर्क करने की हुई है। पिछले महीने धडाधड कई कार्रवाही हुई थीं। जिसमें 21 अप्रैल को राया के कुख्यात शराब माफिया मुकेश की 24 लाख की संपत्ति कुर्क की कार्रवाही, 19 अप्रैल को रिफाइनरी क्षेत्र मंे जूआ किंग महावीर के खिलाफ 76.84 लाख, 17 अप्रैल को बल्देव क्षेत्र के शिक्षा माफिया की करीब एक करोड की संपत्ति की गई थी कुर्क की कार्रवाही का नोटिस चस्पा कर दिया गया था। इसके अलावा पिछले महीने ही 18 अप्रैल को डॉ निर्विकल्प अपहरण कांड के मुख्य आरोपी शातिर अपहरणकर्ता अनूप कुमार की संपत्ति को सील की गई थी। 24 अप्रैल शराब माफिया जिले सिंह उर्फ जिल्ले सिंह उर्फ जिल्ला उर्फ जिलेदार पुत्र परसादी निवासी परखम गूजर 33,59,200 लाख रूपये कुर्क की गई है’।
संपत्ति कुर्क की कार्रवाही में की जो रफ्तार है उसने माफिया के हाथ पैर फुला दिये हैं। शिक्षा माफिया के भी हाथ पैर फूल गये हैं। करोडों की संपत्ति जुटा चुके शिक्षा माफिया के माथे पर पेशानी साफ देखी जा सकती हैं।

See also  Uttarakhand / Kotdwar : The constable posted in Rikhnikhal police station is absent from duty for 31 days, SSP ordered an inquiry