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Uttarakhand / Bageshwar : “रघुपति राघव राजा राम” के साथ जिला पंचायत में धरना

आज जहां देश का एक बड़ा तन्त्र गांधी को सोशल मीडिया में बदनाम करने में लगा है वहीं बागेश्वर की जिला पंचायत बागेश्वर के निर्वाचित सदस्यों ने गांधी को याद करते हुए गांधीवादी तरीक़े के साथ उनका सबसे प्रिय भजन “रघुपति राघव राजा राम” गाकर अध्यक्ष कार्यालय के बाहर अपनी माँगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।

आपको इस धरने की मूल खबर पर जाकर बताते हैं कि पूर्व में पर्वतजन द्वारा जिला पंचायत के बजट की बन्दर बाँट को लेकर विस्तृत तरीक़े से सबके सम्मुख आवाज़ बुलन्द की थी। हम अपने पाठकों को सही व विस्तृत जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिस कारण आपका विश्वास हम पर लगातार बना हुआ है और आगे भी बना रहेगा।

आपको बताते चलें कि पूर्व में आयोजित जिला पंचायत की बैठक में तय किया गया कि अध्यक्ष के विवेकाधीन कोश 20% निर्धारित किया गया था कोरोना अवधि तक। परन्तु वर्तमान समय के बजट में उसके स्थान पर अब 55% धनराशि सुरक्षित की जा रही है। विपक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सभी सदस्यों के क्षेत्र का बजट मनमाने तरीक़े से काटा जा रहा है। जिसका नारेबाज़ी के साथ, भजन गाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। विपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरीक़े से अनियंत्रित बजट के बँटवारे से उनके क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा जिसे कभी स्वीकार नही किया जायेगा। इस पर विपक्ष के सदस्यों द्वारा आठ जून को ज़िलाधिकारी बागेश्वर को एक ज्ञापन के माध्यम से इसकी सूचना व जिला पंचायत के हाल से भी अवगत कराया था। वहीं उन्होंने कहा था कि तीन दिन के भीतर यदि अतिरिक्त कटी गई धनराशि का समान वितरण सभी सदस्यों को पूर्व कि भातीं नही किया गया तो सभी सदस्य क्षेत्र के विकास के लिए जिला पंचायत परिसर में अनशन को बाध्य होंगे जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार तब से अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत छुट्टी पर हैं और उनका फोन भी बन्द आ रहा है।

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वंदना ऐंठनी, जिला पंचायत सदस्य बड़ेत —-
हमें क्षेत्र की जनता द्वारा अपने विकास के लिए चुनकर इस सदन तक पहुँचाया है। हम इस तरीक़े की बंदरबाँट के ख़िलाफ़ यदि आवाज़ नही उठायेंगे तो कौन उठायेगा। पंचायत का हाल किसी से छुपा नही है, यहाँ का हर कर्मचारी बस हाँ में सर हिलाता नजर आता हैं काम के बारे में कुछ कहो तो अध्यक्ष से पूछकर करने की बात करता है। आप ही सोचिए ऐसे में कैसे क्षेत्र का विकास सम्भव है। विकास के लिए अपने सदन के ख़िलाफ़ यूँ धरने में बैठना बिलकुल भी अच्छा नही है पर क्या करें क्षेत्र की जनता हमारी पहली प्राथमिकता है।

गोपा धपोला, सदस्य भैरुचौबट्टा —
जिला पंचायत का अध्यक्ष जिले का प्रथम नागरिक होता है। एक महिला होने के नाते हमें तो बड़ा गर्व था कि हमारी अध्यक्ष एक महिला जो हमारी भावनाओं को समझने का प्रयास करेंगी। परन्तु वह तो बस रिमोट से कण्ट्रोल हो रही है जो पूरे बागेश्वर जनपद के लिए दुर्भाग्य का विषय है। आज हम सभी विपक्ष के सदस्य अपने क्षेत्र के विकास की माँगों को लेकर अनिश्चित क़ालीन धरने पर बैठे हैं। जब तक हमारी माँगे नही मानी जायेंगी हमारा धरना जारी रहेगा।

हरीश ऐंठनी, सदस्य शामा —
यह बागेश्वर जनपद के लिए बड़े दुर्भाग्य कि बात है कि जिला पंचायत में इस तरीक़े की मनमानी के चलते विकास कार्यों के नाम पर खुली लूट मची हुई है। ‘जब संया भये कोतवाल तो डर काहे का’ की कहानी को चरितार्थ करती भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार बागेश्वर में क्या गुल खिला रही है। मैं आपके माध्यम से उन लोगों को भी सचेत करना चाहता हूँ जो अध्यक्ष जी के सलाहकार के तौर पर उन्हें बर्गलाने का काम कर रहे हैं। जिला पंचायत में लगातार भ्रष्टाचार की नई इबारत लिखने का काम किया जा रहा है। विपक्ष की अवहेलना इस बात का प्रमाण है। जिसे कभी हमारे द्वारा स्वीकार नही किया जायेगा। विकास हमारा अधिकार है जिसे हम लेकर रहेंगे।

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नवीन परिहार, उपाध्यक्ष जिला पंचायत बागेश्वर —
जिला पंचायत अध्यक्ष महोदय द्वारा मुझे किसी भी बात से अवगत न कराया जाना गलत है। किसी भी काम के लिए मेरी सहमति तक नही ली जा रही है। उनका इस तरीक़े का व्यवहार न्याय संगत नही है। हमारे जिला पंचायत क्षेत्रों का बजट काटना उन क्षेत्रों के विकास को अवरुद्ध करना है, जिसके ख़िलाफ़ आज हम सब सदस्य यहाँ धरने पर बैठे हुए हैं।

धरना स्थल पर खबर लिखे जाने तक जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव नही पहुंची और जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार बागेश्वर दीपिका आर्या ने जिला पंचायत की ओर से सामंजस्य बनाते हुए मध्यस्था की बात सदस्यों के सम्मुख रही। खबर लिखे जाने तक इस पर कोई सहमति सभी तक नही बनी है। उन्होंने जिला पंचायत को रिमोट से चलने वाली जिलापंचायत का दर्जा देते हुए जमकर हंगामा काटा। इस पर रूपा कोरंगा, सदस्य मन्यूड़ा, इंद्रा परिहार, सदस्य वज्यूला, सुरेश खेतवाल, सदस्य चौरा, पूजा देवी, सदस्य सिमकुना, रेखा देवी, सदस्य नानकन्यालीकोट पूर्व विधायक कपकोट ललित फ़र्स्वाण, एड़ गिरीश कोरंगा आदि मौजूद रहे।

राजकुमार सिंह