News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttarakhand / Bageshwar : जिला पंचायत में आन्दोलन विपक्ष की मात्र नौटंकी – भौर्याल

जिला पंचायत बागेश्वर में पिछले लम्बे समय से चल रहे धरने में आरोप- प्रत्यारोपों का दौर लगातार जारी है। इसी क्रम में आज कपकोट विधायक बलवन्त सिंह भौर्याल ने आगे बड़ते हुए पंचायत के पूर्व कार्यकाल में आरोप लगाते हुए एक प्रेस नोट जारी किया है।
कपकोट के विधायक बलवन्त सिंह भौर्याल ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा है कि “बागेश्वर जनपद में जिला पंचायत में कांग्रेसी सदस्य पिछले लम्बे समय से आंदोलन में बैठे हैं जो केवल राजनीति से प्रेरित व नौटंकी मात्र है। वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष ईमानदारी से जनहित में जिले के विकास का कार्य कर रही है। कांग्रेसी अध्यक्ष की छवि को धूमिल करने को षड्यंत्र कर रही है। पिछले कार्यकाल में जिला पंचायत में भारी मात्रा में अनिमियत्ता व बड़ी मात्रा में भ्रष्टाचार हुआ है। जिसकी जांच में भी पुष्टि हुई है, अभी जांच विचाराधीन है। इस सब कारनामों को छुपाने के लिए पूर्व अध्यक्ष ऐठानी द्वारा यह कृति किया जा रहा है। महिला अध्यक्ष ने पिछले पाँच वर्ष की तुलना में मात्र 2वर्ष के अन्दर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास किया है। अध्यक्ष की लोकप्रियता से कांग्रेसी अपना धैर्य खो चुके हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ऐठानी अपनी धर्मपत्नी की जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर हार को नही पचा पा रहे हैं यहाँ तक कि सदन में की गई लिखित कार्यवाही में पक्ष के स्थान पर विपक्ष लिखकर सदन की गरिमा को ध्वस्त किया है। आंदोलन से जिला पंचायत कार्यालय से जनहित के कार्यों में बाधा पड़ी है। इस आंदोलन की विधायक बलवन्त सिंह भौर्याल, पूर्व विधायक शेर सिंह गाड़िया, ब्लॉक प्रमुख गोविन्द दानू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह कोरंगा, पूर्व प्रमुख मनोहर राम, पूर्व पंचायत अध्यक्ष चम्पा आर्या, मण्डल अध्यक्ष गणेश सुरकाली, राजेन्द्र महर, प्रकाश जोशी, आनन्द धपोला आदि ने आलोचना की।”

See also  Uttar Pradesh / Gorakhpur: Rasmalai caused screams - calling, 100 baraati became ill! The groom took the bride only after doing the sindurdan

इस पर जानकारी मिलने के बाद धरने में बैठे सदस्यों ने विधायक के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस पर सत्ता के नशे में आरोप लगाने की बात करते हुए कहा कि वह उम्र बढ़ने के साथ-साथ अपना मानसिक सन्तुलन भी खो रहे हैं। उन्हें किसी अच्छे चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

हरीश ऐंठनी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान जिला पंचायत सदस्य शामा –
मैं माननीय विधायक जी से पूछना चाहता हूँ कि यदि मेरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार हुआ है तो जांच आपने जितनी जाँचे हो सकती थी वो सभी करा ली हैं, यदि कोई छूट गई है तो वो भी करवा लीजिए। मैं उसके लिए भी तैंयार हूँ। अब चुनाव नज़दीक हैं तो आप बरसाती मेंढक की तरह टर-टर करने लगे हैं। हम नियम संगत अपनी मांग को लेकर धरने में बैठे हैं। यदि आपको यह सब नौटंकी लगता है तो लगे उससे हमें कोई फ़र्क़ नही पड़ता है। उससे आपकी मानसिकता का प्रदर्शन होता है।

नवीन परिहार, उपाध्यक्ष जिला पंचायत —
जिला पंचायत में कोई भी व्यक्ति राजनीतिक पार्टी के सिम्बल पर चुनाव जीतकर नही आता है। तो इसे राजनीतिक कहना गलत है। यहाँ सभी असंतुष्ट सदस्य धरने पर बैठे हैं। आप ही इस जनपद के पहले जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं, जिला पंचायत बागेश्वर को राजनीति का अखाड़ा बनाने की यह परिपाठी भी आप ही लोगों की डाली हुई है जो गलत है, इसका पूरा श्रेय आपको जाता है। बागेश्वर के विकास में राजनीतिक द्वेष ठीक नही है, जिसका परिणाम क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ता है।

See also  Uttar Pradesh / Kanpur : ट्रक की टक्कर से कार सवार युवक की मौत,चार घायल,मची चीख पुकार   

गोपा धपोला, जिला पंचायत सदस्य भैरुचौबट्टा
एक रिमोट निकलकर आज सामने आया है, हमें मालूम है हमारी अध्यक्ष महोदया बहुत सीधी हैं उन्हें गलत दिशा में भटकाया जा रहा है। इतने दिनों से हम जिस रिमोट कण्ट्रोल की बात कर रहे थे कपकोट विधायक उनमें से एक हैं और भी है जो आगे सभी के सामने आयेंगे। मैं बताना चाहती हूँ कि हमें धरने में बैठने का कोई शौक़ नही है, जो अपने घर- परिवार को छोड़कर यहाँ बैठे रहे। सम्मानित सदस्यों के धरने को नौटंकी कहने वाले आप होते कौन हैं। जिला पंचायत में आपका हस्तक्षेप बर्दाश्त नही किया जायेगा।

इंद्रा परिहार, सदस्य जिला पंचायत वज्यूला

धीरे – धीरे सारे रिमोट एक-एक करके बाहर आने वाले हैं। बागेश्वर की जनता के सामने सबको बेनक़ाब किया जायेगा। जिला पंचायत में गैर जिला पंचायत सदस्य का हस्तक्षेप स्वीकार नही किया जायेगा। इन्ही के द्वारा माननीय अध्यक्ष महोदया को विकास कार्यों के धन वितरण में गुमराह किया जा रहा है।

देखने वाली बात यह होगी कि ऊठ अब किस करवट बैठेगा और जिला प्रशासन इस पर कोई बड़ी कार्यवाही अमल में लता है या राजनीतिक दबाव के चलते इस पूरे मामले को ठण्डे बस्ते के हवाले कर दिया जायेगा। धरने पर नवीन परिहार उपाध्यक्ष जिला पंचायत, हरीश ऐठानी सदस्य शामा, रूपा कोरंगा सदस्य मन्यूड़ा, वन्दना ऐठानी सदस्य बड़ेत, गोपा धपोला सदस्य भैरुचौबट्टा, इंद्रा परिहार सदस्य वज्यूला, सुरेश खेतवाल सदस्य चौरा, पूजा देवी सदस्य सिमकुना, रेखा देवी सदस्य नानकन्यालीकोट मौजूद रहे।

राजकुमार सिंह परिहार