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Uttarakhand / Haridwar : राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने की समीक्षा बैठक

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष बबन रावत ने कलेक्ट्रेट सभागार रोशनाबाद में सफाई कर्मचारियों, मैन्युअल स्केवेंजरों के पुनर्वास, स्वरोजगार तथा उनकी समस्याओं के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की। बैठक में बबन रावत ने जनपद में पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालयों, थाना, चौकियों में तैनात नियमित सफाई कर्मचारियों एवं अन्य तैनात सफाई कर्मचारियों को मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी तथा न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन, पारिश्रमिक, भुगतान आदि की जानकारी ली। नगर निगम आयुक्त एवं प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय तथा सम्बन्धित नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों से मैनुअल स्कवैन्जिग में चयनित स्वच्छकारों की सूची उपलब्ध कराने तथा पूर्व में कैम्प में कितने आवेदन प्राप्त हुए, उनमें से कितने चयनित किये गये स्पष्ट करने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि 2013 के बाद कितने सफाई कर्मचारी नाला सफाई कार्य में लगे हैं तथा किन कारणों से ऐसे लोगों को एम.एस.एक्ट में सम्मिलित नहीं किया गया। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष बबन रावत ने नाला सफाई में लगे सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए कौन-कौन से उपकरण उपलब्ध कराये गये हैं, नियमित, संविदा, आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों का ईपीएफ, ईएसआई, बैकलॉग सफाई कर्मचारियों की सूची, बैकलॉग में कितने सफाई कर्मचारी अन्य विभागों में समायोजित किये गये, कितनों को एसीपी का लाभ मिला, कितनों को एसीपी का लाभ नहीं मिल सका, इस सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराने तथा वार्डवार आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की सूची देने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। बबन रावत ने कहा कि नगर निकायों में रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाने के शासन के निर्देश हैं, ऐसे में सफाई कर्मचारियों को अवकाश किस दिन दिया जा रहा है, ठेका कर्मचारियों से कितने दिन काम लिया जा रहा है, महिला सफाई कर्मचारियों से किस प्रकार का सफाई कार्य लिया जा रहा है, ड्यूटी के घंटे, कितने सफाई कर्मचारी सेनेटाइजर कार्य में लगे हैं, कुम्भ मेले में कितने सफाई कर्मचारियों को कार्य दिया गया तथा इन कार्मिकों ने कितने दिन काम किया, उन्हें दिये गये वेतन, बकाया वेतन सम्बन्धी समस्त जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को सरकार द्वारा स्वीकृत सभी सुविधाएं अनिवार्य रूप से मिलनी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरतें। उन्होंने चिकित्सा विभाग में नियमित एवं आउटसोर्स से तैनात सफाई कर्मचारियों, उनके किये जाने भुगतान तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा कितने स्वच्छकारों को एम.एस.एक्ट में लाभान्वित किया गया कि सूची आज ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। बैठक में सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखण्ड के अध्यक्ष अमीलाल वाल्मीकि, सदस्य पूनम वाल्मीकि, एसएसपी सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस, एडीएम प्रशासन बी.के.मिश्रा, चन्दन लाल निजी सचिव, उपाध्यक्ष राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, नगर आयुक्त नगर निगम जयभारत सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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