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Uttarakhand / Vikasnagar : सशक्त भू कानून को लागू करने की मांग को यूकेडी ने किया प्रदर्शन

प्रदेश में सशक्त भू कानून को लागू करने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित किया। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार भू माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए यहां के मूल निवासियों की भावी पीढ़ी के अधिकारों का हनन कर रही है। तहसील मुख्यालय में गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य गठन के दो दशक बीत जाने के बावजूद अभी तक सशक्त भू कानून लागू नहीं किया गया है। एनडी तिवारी सरकार से लेकर हरीश रावत की सरकार तक भू कानून लागू किए गए, लेकिन उसमें कई खामियां रही हैं। वर्तमान सरकार ने वर्ष 2018 में भू कानून को इतना लचर बना दिया, जिससे यहां भू माफिया को जमीनों की खरीद फरोख्त की खुली छूट मिल गई है। पिछले तीन वर्षों में ही प्रदेश की हजारों एकड़ जमीन पर भू माफिया का कब्जा हो गया है। बाहरी प्रदेशों के भू माफिया यहां जमीन खरीद रहे हैं, जिसे कुछ वर्षों बाद प्रदेश के ही मूल निवासियों को महंगे दामों पर बेचा जाएगा। कहा कि बाहरी लोगों के जमीन खरीदने से कुछ वर्ष बाद ही प्रदेश में यहां के मूल निवासी अल्पसंख्यक बन जाएंगे, जिससे राज्य गठन की अवधारणा भी समाप्त हो जाएगी। स्थानीय जमीन बाहरी लोगों के खरीदने से नई उत्तराखंड के मूल निवासियों की नई पीढ़ी भूमिहीन हो जाएगी। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश में एक ऐसा सशक्त भू कानून लागू किया जाना चाहिए, जिससे बाहरी लोगों द्वारा जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगाई जा सके। कहा कि प्रदेश में जल्द सशक्त भू कानून लागू नहीं होने पर उक्रांद सडक़ों पर आंदोलन करेगा। प्रदर्शन करने वालों में उक्रांद की अनुशासन समिति के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, देवेंद्र कंडवाल, शैलेश गुलेरी, गणेश काला, भजन सिंह नेगी, देवेश्वरी बिडालिया, नरेंद्र कुकरेती, जयकृष्ण सेमवाल, बीना पंवार, महेंद्र सिंह नेगी, रविंद्र भट्ट, सुरेंद्र कुमार, मंगतराम, सुरेंद्र रावत आदि शामिल रहे।

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