News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttarakhand / Rudraprayag : माकपा ने किया तृतीय सम्मेलन में लोकल कमेटी का चुनाव

माकपा ने गुप्तकाशी में लोकल कमेटी का तृतीय सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें 13 सदस्यीय लोकल कमेटी का चुनाव किया गया। अषाड़ सिंह धिरवाण को मंत्री चुना गया। इस मौके पर सम्मेलन में किसान आंदोलन के शहीद एवं कोविड में मृत लोगों के शोक में दो मिनट का मौन रखा गया। गायत्री वेडिंग प्वाइंट गुप्तकाशी में आयोजित सम्मेलन का तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल दौलत सिंह रावत, भरत भंडारी एवं विक्रम लाल की अध्यक्षता में हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ पार्टी के राज्य सचिव मंडल के सदस्य गंगाधर नौटियाल ने झंडारोहण कर किया। लोकल कमेटी मंत्री अषाड़ सिंह धिरवाण द्वारा किसान आंदोलन में शहीद हुए किसान, कोरोना संक्रमण से लाखों लोगों की मृत्यु एवं शहीद हुए पार्टी नेताओं के शोक में शोक प्रस्ताव पेश किया गया। जबकि 2 मिनट का मौन रखते हुए शोक सभा आयोजित की गई। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पर्यवेक्षक गंगाधर नौटियाल ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी का सदस्य सामान्य व्यक्ति नहीं है, वह क्रांतिकारी होता है। कहा कि एक तरफ मजदूर किसान है तो दूसरी तरफ पूंजीपति वर्ग है। पूंजीपति वर्ग लगातार किसान मजदूरों का शोषण कर उनको लूट रहा है। यह पार्टी भगत सिंह, वीरचंद्र सिंह गढ़वाली जैसे महान क्रांतिकारी लोगों की पार्टी है। सम्मेलन में किसान विरोधी कानूनों के विरुद्ध, एनएच के गैरकानूनी कार्यों, त्रिपुरा में भाजपा व आरएसएस द्वारा सीपीआई सीपीएम कार्यकर्ताओं की हत्या व पार्टी कार्यालय व घरों की आगजनी कर नष्ट करने के विरुद्ध प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। सम्मेलन के अंत में 13 सदस्य लोग कमेटी का चुनाव किया गया जिसमें अषाड़ सिंह धिरवाण को लोकल कमेटी मंत्री चुना गया। जबकि दौलत सिंह रावत, राजेंद्र सिंह राणा, इंद्र लाल, दयाल सिंह, बलवंत लाल, सदानंद कोटवाल, विजय सिंह, ज्ञान सिंह, विक्रम लाल, दामोदर प्रसाद उनियाल, राजेंद्र सिंह रावत, सुरेश लाल, हुकम सिंह राणा, विजय लाल, बांकेलाल, हर्ष लाल, भरत भंडारी, फगण सिंह, शिवराज लाल, सुंदर सिंह राणा को लोकल कमेटी सदस्य चुना गया। सम्मेलन में पार्टी राज्य कमेटी सदस्य राजाराम सेमवाल व जिला मंत्री वीरेंद्र गोस्वामी ने निर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दी। साथ ही एकजुट होकर सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध करने को कहा है।

See also  Uttar Pradesh / Agra: The one who heard it cried! The shock of mother's death was such that she was ill for several months, the bride died in 24 hours