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सामने आ रहीं है मोहम्मद रियाज की भाजपा से रिश्ते की बातें “ये रिश्ता क्या कहलाता है”

इंडिया टुडे 1 जुलाई 2022 को एक खबर प्रकाशित करता है कि राजस्थान बीजेपी में घुसपैठ की साजिश उदयपुर के हमलावरों ने की हो सकती है | एक्सक्लूसिव इंडिया टुडे की खबर “उदयपुर हमलावरों के अतीत की गहराई में जाने से पता चलता है कि वे कम से कम तीन साल तक भाजपा की राजस्थान इकाई में घुसने की साजिश रच सकते थे।” इस तरीके की खबरें आज तक, इंडिया टुडे जैसे लगभग हर मीडिया संस्थान से आ रही है। इनके अनुसार मोहम्मद रियाज भाजपा में घुसने की साजिश कर रहा था जबकि भाजपा ने खुद पूरे देश में भाजपा सदस्यता की मुहीम चलाई थी, वो भी सिर्फ एक मिस कॉल पर। तो यह सवाल खड़ा होता है कि भाजपा में शामिल होने के लिए किसी भी तरह की साजिश कोई क्यों करेगा? भाजपा में शामिल होने के लिए आवश्यकता है तो बस एक मिस कॉल की, देश के बड़े मीडिया संस्थानों से इस तरीके की खबरें आना यह साफ दर्शाता है कि सच पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।

राजस्थान उदयपुर नृशंस हत्याकांड शुरू से ही राजनीतिक रूप से रोपित लग रहा था!!! JNU को बदनाम करने के लिए कन्हैया कुमार की बैठक में टुकड़े टुकड़े के नारे लगवाने से लेकेर किसानों को बदनाम करने के लिए लाल किले पर झंडा फहराने तक संघियों का बहुत घिनौना इतिहास रहा है । पुलवामा हत्याकांड में आतंकी कम राजनीतिक साजिश की बदबू ज्यादा आती है। गुजरात साबरमती एक्सप्रेस में आग की लपटें भी राजनीतिक साजिश थीं, जिसमें स्क्रिप्ट के मुताबिक पहले हिंदुओं को मरना था फिर दंगों की आग में मुसलमानों को।

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इन दंगों से फायदा किसे हुआ … ??? चुनाव में वोट किसे मिल रहा है … ??? चुनाव कौन जीत रहा है … ??? सरकार किसकी बन रही है … ??? यह देखना जरूरी है। खुली हुई आंख से आप वही देख पाएंगे जो बिकी हुई मीडिया और तंत्र दिखाना चाहता है , इसलिए चीजों को शक की निगाह से देखना शुरू कीजिए , सवाल कीजिये खुद से कि फलां दंगा या घटना किसे फायदा पहुंचाने वाली है … ??? बिकी हुई मीडिया इतना क्यों छटपटा रही है … ???? एंकर इतना क्यों चिल्ला रहा है … ??? घटनाओं के तार राजनीति और वोट बैंक से जोड़कर देखिए , इसमें कोई दो रॉय नहीं है कि जबसे मोदी और शाह पावर में आये हैं भारत की राजनीति गटर लेवल तक पहुंच चुकी है , इसलिए किसी भी घटना में मीडिया और नेता को सुनने से पहले आप खुद को सुनिए , घटना के लिंक और तार समझने की कोशिश कीजिये , जानकारी जुटाइये , और इत्मीनान से विश्लेषण कीजिये । ठगी से बच कर देश को बचाने का सबसे उपयुक्त रास्ता यही है कि आप कम से कम सच को जानें और प्रचार से बचें । कौआ कान ले गया अब बहुत हो चुका । जादूगर की झोली चेक कीजिये, सारे जादू की पोल पट्टी उसी में छुपी है ।

उदयपुर नृशंस हत्याकांड का हत्यारा रियाज अटारी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा (BJP Minority Cell) का सदस्य निकला … !!!

आदित्य राज