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एक एक्सीडेंट के लिए ट्वीट कर दुःख और अंकिता हत्याकांड पर कोई अफ़सोस नहीं

2014 से जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने है तब से लेकर अब तक नरेंद्र मोदी जी हर छोटी बड़ी चीज में ट्वीट करते रहते हैं लेकिन जब बात उनके पार्टी से जुड़े लोगों की होती है जब भी उनके पार्टी के लोग किसी कांड में लिप्त पाए जाते हैं तब नरेंद्र मोदी के tweets कहीं नजर नहीं आते। विशेषकर महिलाओं से जुड़े अति गंभीर मुद्दों पर नरेंद्र मोदी जी भाषण बाजी तो खूब करते हैं पर जब असल में किसी महिला के साथ अत्याचार होता है या किसी महिला को वाकई में सरकार की या नरेंद्र मोदी जी की सहयोग की जरूरत होती है तो नरेंद्र मोदी जी दूर-दूर तक कहीं नजर नहीं आते। ऐसा ही उत्तराखंड में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड में भी नजर आ रहा है जब से पता चला है कि आरोपित व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा हुआ है तब से मानो ऐसा प्रतीत होता है जैसे जानबूझकर इस सारे प्रकरण को दबाने की कोशिश की जा रही है। वह तो भला हो उत्तराखंड की जनता का जिसने स्वयं आगे आकर सरकार को घेरने का काम किया है वरना जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी का इंसाफ दिलाने का ढुलमुल रवैया रहा है, वैसा ही अंकिता भंडारी हत्याकांड में भी होता नरेंद्र मोदी जी जिन्होंने आज ही हिमांचल में हुए एक सड़क हादसे में मारे गए कुछ लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि हादसे को सुनकर उन्हें बड़ा दुख हुआ, हम यह जानना चाहते है नरेंद्र मोदी जी कि क्या अंकिता भंडारी मामले में आपको दुख नहीं हुआ। जिस अंकिता को इंसाफ दिलाने के लिए उत्तराखंड की जनता एक हो रही है वह आपको नजर नहीं आता इस मामले में बोलने के लिए आपके मुंह में दही क्यों जमी हुई है कहां हैं आप की सरकार की स्मृति ईरानी और कहां हैं महिला आयोग या फिर महिला सम्मान की बातें करना भी भारतीय जनता पार्टी के एक जुमला मात्र है धन्य हो भारत को विश्व गुरु बनाने वाली ऐसी सरकार

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क्याअंकिता हत्याकांड का ट्वीट इसलिए नहीं किया गया क्यूंकि उसमें आपकी पार्टी के पूर्व राज्यमंत्री शामिल है? सवाल कई है पर जवाब नहीं है।

सत्यनवेशी