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Uttarakhand : विधायक की दबंगई से परेशान, कानून व्यवस्था गांव में न होने से भी जनता परेशान, कहां करे न्याय की उम्मीद अहम सवाल?

यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट के बाद लैंसडाउन के विधायक महंत दलीप रावत भी चर्चा में रहने से नही बचे। चुनाव के समय से अब आरोप लगाए गए की उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता मनदीप पटवाल व उनके साथियों पर 13 फरवरी 2022 की रात को लैंसडाउन विधायक ने जानलेवा हमला किया जिसकी शिकायत भी की गई। सबसे पहले पटवारी के पास मनदीप गए तो पटवारी ने साफ साफ बोला कि हम 2 साल से हड़ताल में हैं और हम पुलिस का कोई काम नहीं कर रहे हैं, फिर वह लैंसडाउन पुलिस थाने में गए वहां भी थानाध्यक्ष ने बोला कि वो क्षेत्र पटवारी क्षेत्र में आता है हम रिपोर्ट नहीं लिख सकते, फिर वह लैंसडाउन SDM के पास गये तो SDM ने बोला मैं बाहर हूं, फिर वह पौड़ी DM के पास गये वहां ये सब घटना बताई कि कोई रिपोर्ट दर्ज करने को तैयार नहीं है तो जिलाधिकारी ने बोला करवाते हैं कार्यवाही, लेकिन कार्यवाही में भी यही बोला गया है कि वो क्षेत्र पटवारी क्षेत्र में आता है।

मनदीप सिंह के अनुसार 13 फरवरी 2022 जो घटना घटी थी उसमें जो जो लोग विधायक के साथ आए थे और जो विधायक के ख़ास है उन सबकी उनके पास पूरी रिकार्डिंग है जिसमें वो कबूल कर रहे हैं कि ग़लती हुई और एक विधायक को नहीं आना चाहिए था छोटे बच्चों को मारने के लिए।। जिसकी शिकायत मनदीप पटवाल ने SSP पौड़ी व जिलाध्यक्ष से भी की, सब साक्ष्य होने पर और शिकायत होने पर भी कोई शशनिक कार्यवाही नही। सब एक दूसरे पर कारवाही का भार डालकर खुद उससे निजात पा रहे है।

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अंकिता हत्याकांड ने दुबारा इस कानून व्यवस्था की कमी को उजागर किया है जिससे ग्रामीण जनता हर बार दो चार हो रही है।