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Delhi: ‘फिट इंडिया मिशन’ के अंतर्गत जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने आयोजित किया ‘संडे आन बाइसिकल’

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भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे ‘फिट इंडिया मिशन’ के तहत, डिपार्टमेन्ट आफ गेम्स ऐंड स्पोर्ट्स, जामिआ मिल्लिया इस्लामिया ने 4 मई 2025 को सुबह 6:15 बजे ‘फिटनेस की डोज़, आधा घंटा रोज़’ के नारे के अंतर्गत ‘संडे आन बाइसिकल’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और जीवनशैली से जुड़ी अन्य बीमारियों से निपटने के लिए प्रेरित करना था।

यह साइकिल रैली हर भारतीय के जीवन में फिटनेस को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने और एक स्वस्थ भारत के निर्माण के उद्देश्य से आयोजित की गई। यह पहल भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के ‘फिट इंडिया मिशन’ के अंतर्गत की गई।

जामिआ मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रोफेसर मज़हर आसिफ, रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिज़वी, डिपार्टमेन्ट आफ गेम्स ऐंड स्पोर्ट्स के निदेशक प्रोफेसर नफ़ीस अहमद, एनसीसी समन्वयक, विभिन्न फैकल्टियों के डीन, शिक्षकगण और विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारीगण इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक शामिल हुए। साइकिल रैली सुबह 6:15 बजे विश्वविद्यालय के सेंटरनरी गेट (गेट नंबर 13) से शुरू हुई। यह रैली लॉ फैकल्टी और इंजीनियरिंग फैकल्टी से होते हुए गेट नंबर 1 से बाहर मुख्य सड़क पर पहुंची। वहां से साइकिल सवार एमएमए जौहर मार्ग से यू-टर्न लेकर पुनः सेंटरनरी गेट पर लौटे।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर मज़हर आसिफ ने उपस्थितजनों को साइकिल चलाने की आदत को अपनाने और सतत जीवनशैली के लिए प्रेरित किया। उन्होंने फिटनेस के महत्व को रेखांकित करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों को जारी रखने की बात कही। सभी प्रतिभागियों ने साइकिलिंग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

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रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने दैनिक जीवन में कम से कम तीस मिनट शारीरिक व्यायाम को अनिवार्य रूप से शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि सभी एक स्वस्थ और फिट जीवन जी सकें।

प्रोफेसर नफ़ीस अहमद ने ‘संडे आन बाइसिकल’ पहल के पीछे के विज़न को स्पष्ट करते हुए बताया कि इस साप्ताहिक कार्यक्रम में जामिआ के फैकल्टी और स्टाफ सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। साइकिल सवारों ने ‘फिटनेस की डोज़, आधा घंटा रोज़’ के नारे के साथ लगभग आधे घंटे तक साइकिल चलाई। इस अभियान का उद्देश्य जामिआ समुदाय की जीवनशैली में साइकिलिंग को एक स्थायी आदत के रूप में शामिल करना, शारीरिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और एक स्वस्थ तथा फिट भारत के निर्माण की दिशा में योगदान देना है।