News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttarakhand: फ़र्ज़ी वोटर लिस्ट का ख़ुलासा वार्ड न. 06 दून विहार की बी.एल.ओ. प्रमीला देवी एवं कांति यादव का नाम आया सामने

IMG-20250907-WA0001

IMG-20250907-WA0001

मामला उत्तराखंड देहरादून में स्थित जाखन का है जहां पूर्व भाजपा पार्षद संजय नौटियाल एवं भाजपा पार्षद प्रत्याशी मीनाक्षी नौटियाल के दबाव में एवं नीजी लाभ के लिये जो नगर निगम की वोटर लिस्ट बनाई थी उसमे किसी भी वोटर का आई.डी प्रूफ नहीं लगाया गया आई.डी के बिना नागर निगम की वोटर लिस्ट बनाई गई ।

वोट डालते समय भी सिर्फ़ स्लिप लेकर वोट डाले गये किसी भी व्यक्ति की आई.डी चेक नहीं की गई ।

यह स्पष्ट होता है की सत्ता के दबाव में खुलकर जाली वोट डलवाकर भाजपा पार्षद मीनाक्षी नौटियाल को फ़ायदा पहुँचाया गया । दोनों बी.एल.ओ. ने मोटी रकम लेकर भाजपा पार्षद प्रत्याशी मीनाक्षी नौटियाल को लाभ पहुँचाया ।

मीनाक्षी नौटियाल 29/1 बापू नागर मलिन बस्ती में नगर निगम की क़ब्ज़े की भूमि पर रहती है । चुनाव आयोग का नियम है की नगर निगम की भूमि पर जो व्यक्ति क़ब्ज़ा करके रह रहा है वो चुनाव नहीं लड़ सकता है ।

बी.एल.ओ. कांता यादव द्वारा नीजी लाभ के लिये पूर्व भाजपा पार्षद संजय नौटियाल एवं भाजपा पार्षद प्रत्याशी मीनाक्षी नौटियाल का फ़र्ज़ी तरीक़े से 205 दून विहार के पते का वोट बना दिया गया । ताकि चुनाव आयोग को भ्रमित किया जा सके ।

बी.एल.ओ. प्रमीला देवी ने कैमरे के सामने स्वीकार किया की वोटर लिस्ट में फ़र्ज़ीवाडा हुआ है और आई.डी नहीं ली गई ।

बी.एल.ओ. के विरुद्ध होगी कार्यवाही नैनीताल उच्च न्यायालय में सबूतों के साथ केस दर्ज किया जा रहा है जिससे पूर्व भाजपा पार्षद संजय नौटियाल भाजपा पार्षद मीनाक्षी नौटियाल बी.एल.ओ. प्रमीला देवी एवं कांति यादव की बड़ेगी मुश्कीले । 2017 में पूर्व पार्षद संजय नौटियाल ने बी.ए. की जाली मार्कशीट बनाकर एल.एल.बी. में डी.ए.वि. कॉलेज में एडमिशन लेनें के अपराध में जेल जा चुका है दोनों पति पत्नी फ़र्ज़ी दस्तावेज बनाने के मास्टर माइंड है कुछ दिन पहले राजकुमार भूमाफ़िया ने भी स्थाई निवास प्रमाण पत्र जाली दस्तावेज लगा कर बनवाया था राजकुमार ने भी यह कथन बोले की संजय नौटियाल ने जाली दस्तावेज बनाकर दिए थे । जाली दस्तावेज के आधार पर बनाया गया स्थाई निवास प्रमाण पत्र डी.एम. साहब ने निरस्त कर दिया था ये एक बहुत बड़ा गिरोह है इनके विरुद्ध सख़्त कार्यवाही की जा रही है ।

See also  Life imprisonment to two PAC soldiers who opened fire on Uttarakhand agitators in the Rampur Tiraha incident of 1994.