News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttar Pradesh / Kanpur : बुजुर्ग महिला की सांस फूलती देखने के बाद भीं नहीं किया भर्ती,लगाते रहे गुहार   चिकित्सा सुविधायें नहीं होने का हवाला देकर मरीजों को रेफर करने का सिलसिला जारी

शहर के अलावा आसपास के जिला अस्पतालों का हाल बुरा हैं। चिकित्सा सुविधायें नहीं होने का हवाला देकर मरीजों को रेफर करने का सिलसिला जारी है। तो वहीं इलाज के लिए मरीज भटक रहे है।         

गड़ेवा उन्नाव निवासी राम अवतार की पत्नी सुबह घर की छत पर मंगलवार सुबह अमियां बिन रही थी। इस दौरान मकान से सटे पेड़ की एक मोटी डाल उनके सिर पर गिरी जिससे वो वहीं अचेत हो गयी। पति व अन्य परिजन महिला को गंभीर हालत में लेकर उन्नाव जिला अस्पताल लेकर पहुंचे परिजनों के मुताबिक,जिला अस्पताल में भर्ती करने के बजाय हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट इमरजेंसी पहुँचने पर यहाँ डाँक्टर ने महिला के सिर का सीटी स्कैन कराने के बाद इलाज शुरू किया।  

भर्ती कर लिया होता तो बच जाती जान 

अकबरखेड़ा फतेहपुर निवासी रावेंद्र के मामा राजेंद्र को सुबह घर की सफाई के दौरान एक सांप ने दाहिने हाथ में काट लिया था। आननफ़ानन में भांजा उन्हैं लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। वहाँ गंभीर हालत देख डाँक्टर ने चिकित्सा सुविधाओं का ना होने का हवाला देकर हैलट रेफर कर दिया। हैलट इमरजेंसी पहुँचते ही मामा की साँसे थम गयी। बदहवास भांजे ने बताया कि,जिला अस्पताल में मामा को भर्ती कर लिया होता तो शायद उनकी जान बच जाती।  

इलाज के लिए गिड़गिड़ाये 

दाऊपुर गड़ई रायबरेली निवासी रज्जन की पत्नी रीता का जेके कैंसर में इलाज चल रहा है। पति ने बताया कि,उनकी पत्नी के शरीर में कई जगह कैंसर फैलता जा रहा है। उन्होंने बताया कि पत्नी के बायें  पैर में प्लास्टर चढ़ा है। पैर में तकलीफ होने पर सुबह कैंसर हाँस्पिटल में पत्नी को लेकर पहुंचे तो डाँक्टर ने हैलट रेफर कर दिया। बताया कि,यहां पहुंचने पर डाँक्टर से पत्नी के इलाज के लिए गिड़गिड़ायें लेकिन निराशा ही हाथ लगी।

See also  Madhya Pradesh / Chhindwara: 'Black thread tied around neck' proved fatal, 9-year-old girl dies

बिगड़ी हालत देख किया रेफर 

बर्रा-8 निवासी रामस्वरूप शर्मा अपनी बुजुर्ग माँ शोभावती को सांस की तकलीफ होने पर दोपहर गंभीर हालत में लेकर हैलट इमरजेंसी पहुंचे। पीड़ित ने बताया कि,यहां माँ की हालत बिगड़ने लगी लेकिन डाँक्टर ने भर्ती करने के बजाय मुरारीलाल चेस्ट हाँस्पिटल रेफर कर दिया। वहीं रामादेवी निवासी नरेश कुमार गौतम की गर्दन से रीढ़ की हड्डी की नसें सिकुड़ गयी थी। गंभीर हालत में पत्नी मीना उन्हें सुबह लेकर उर्सला पहुंची। महिला ने बताया कि,यहां डाँक्टर ने देखने के बजाय हैलट रेफर किया। हैलट पहुंचने पर इलाज शुरू हुआ।