News Cubic Studio

Truth and Reality

सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया के जरिये जनता की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की और केंद्र सरकार से किया उचित निर्णय लेने का आग्रह

सोनिया गांधी ने कहा कि सभी परिवार जो हर रोज अपने परिजनों को खो रहे है, मैं उनके प्रति संवेदना रखती हूँ। हमारा देश अभी कोरोना महामारी के भयानक दौर से गुजर रहा है और मौतों के आंकड़े थमने का नाम नही ले रहे। यह भारतवासियों के लिए परीक्षा की घड़ी है। हमें एक दूसरे का हाथ पकड़कर, एक दूसरे की ताकत व सहारा बनना है।

उन्होंने कहा मैं जानती हूँ कि मौजूदा हालातों ने इंसान को हिला कर रख दिया है। कहीं ऑक्सिजन की कमी है, कही दवाइयों का अकाल है और अस्पतालों में बिस्तर भी नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की है कि बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले और सावधानी का पूरा ख़याल रखें। न खुद के जीवन को खतरे में डाले न औरों के। जितना हो सके भेदभाव छोड़कर एक दूसरे की हर सम्भव मदद करे।

सोनिया गांधी ने देश की केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि सब जाग जाए और अपने सभी कर्तव्य पूरी तरह निभाये। उन्होंने विशेषकर केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वे गरीबों के ऊपर भी ध्यान दें और उनका पलायन रोकने के लिए उनके खातों में संकट खत्म होने तक 6000 रु डालें।

देश में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाई जाए, ऑक्सिजन और अस्पतालों का युद्ध स्तर पर प्रबंध किया जाए। सारे देशवासियों के लिए कोरोना से बचाव के लिए मुफ्त टीकाकरण का इंतजाम करें ताकि लोगों को बचाया जा सके। कोरोना वैक्सीन की अनिवार्यता का लाइसेंस दिया जाये ताकि थोड़े समय में सबको वैक्सीन लग सके। वैक्सीन की कीमत का भेदभाव बंद हो, कालाबाजारी बन्द हो। सारी इंडस्ट्रियल ऑक्सिजन का उपयोग बंद हो और सब हॉस्पिटल में इस्तेमाल की जाए। देश के सभी राजनीतिक दलों की सहमति से राष्ट्रीय स्तर पर कोविड से निपटने की रणनीति बनाई जाए।

See also  Uttarakhand: Uproar against privatization of mining intensified in Haldwani, businessmen demonstrated, MLAs came in support

उन्होंने सभी हेल्थ स्टाफ, डॉक्टर, नर्स, वार्ड बॉय का नमन किया जो अपनी जान की बाजी लगाकर मरीज का इलाज कर रहे हैं। सोनिया गांधी ने कहा इस संकट का एकमात्र मंत्र है एकजुट होकर रहना। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हर तरीके से केंद्र सरकार का कोविड से जनता को बचाने में साथ देगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्दी ही देश इस महामारी से बाहर आएगा। जय हिंद कहकर उन्होंने अपनी वाणी को विराम दिया।