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Uttarakhand : बिखरी जोत को एक करने का निर्णय बिखरी जोत को एक करने का निर्णय 

देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले किसानों की आय दोगुना करने के लिए प्रदेश सरकार ने उनकी बिखरी जोत को एक करने का निर्णय लिया। मकसद यह कि किसान को एक स्थान पर खेती योग्य बड़ी जमीन मिल सकेगी। इसके लिए बाकायदा वर्ष 2016 में विधानसभा में भूमि चकबंदी और भूमि-व्यवस्था विधेयक पारित किया गया। इसमें देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर को छोड़ शेष नौ जिलों को शामिल किया गया। कहा गया है कि कृषि, उद्यानीकरण व पशुपालन की जमीन को इसके दायरे में लाया जाएगा। इससे लगा कि बिखरी जोत एक होने से उन्हें खेती योग्य अच्छी जमीन मिल सकेगी। दो वर्ष पहले इसकी शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री के गांव से करने की बात हुई। इसमें आरंभ में कुछ काम हुआ, लेकिन बीते वर्ष कोरोना के कारण लागू लाकडाउन के बाद व्यवस्था आगे नहीं बढ़ पाई। अभी भी गांवों में लोग बिखरी जोत में ही खेती कर रहे हैं। 

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