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Uttarakhand : चेहरा दिखाने की होड़ में मुख्यमंत्री के दौरे पर सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर उड़ी धज्जियां

बागेश्वर जिले मे 23 May मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का पहला दौरा था। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए भाजपा कार्यकर्ता डिग्री कालेज के मैदान पर इस तरह से उमड़ पड़े कि कोरोना की गाईडलाइन को ही भूल बैठे। मुख्यमंत्री को अपना चेहरा दिखाने की होड़ में कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिला चिपक कर कतार में खड़े होकर सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाते नजर आए। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सभी सावधानियों को सबने दरकिनार कर दिया।
बागेश्वर में मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद भाजपा कार्यकर्ता उनके हर प्रोग्राम में उमड़े रहे। शुरूआत डिग्री कालेज के ग्राउड से हुवी जहां मुख्यमंत्री हैलीकाप्टर से पहुंचे। जिला प्रशासन ने यहां सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोले जरूर बनाए थे लेकिन मुख्यमंत्री के पहुंचते ही सभी लोग भूल गए कि कोरोना का संक्रमण अभी भी भयानक रूप से फैल रहा है। जब मुख्यमंत्री के कारिंदे ही खुद उन्हीं के सामने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हों तो प्रशासन की क्या हिम्मत की उन पर कोई कार्यवाही कर सके। हांलाकि एसडीएम समेत कई अधिकारी प्यार से कार्यकर्ताओं को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए कहते रहे लेकिन उनकी बातों पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। डिग्री कालेज, जिला अस्पताल के साथ ही ट्रामा सेंटर में कार्यकर्ताओं की भीड़ सोशल डिस्टेंसिंग के नियम कायदे भूल मुख्यमंत्री को अपना चेहरा दिखाने की होड़ में ही लगे रहे। कार्यकर्ताओं के अति उत्साह में मुख्यमंत्री भी भूल गए कि इस वक्त समूचे विश्व में कोरोना महामारी चल रही है और इससे बचने की कड़ी में सोशल डिस्टेंसिंग ही मुख्य तौर पर पहली कड़ी है।

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वहीं नगर में चर्चा रही कि आमजन पर सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने वाला प्रशासन सत्ता के आगे लाचार नजर आया।

♦️कोविड़ केयर सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा- अधिकारियों से भी किया संवाद

राज्य में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत को जांचने के लिये सूबे के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत जिलों का दौरा कर रहे हैं इसी कड़ी में आज सीएम तीरथ आज एक दिवसीय दौरे पर बागेश्वर पहुंचे जहाँ उन्होंने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण व उपचार हेतु बनाये गये कोविड़ चिकित्सालय एवं कोविड केयर सेंटर में की गयी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सीएम ने महाविद्यालय में बने 100 बेड के कोविड केयर सेंटर का भी निरीक्षण किया।
इसके बाद सीएम ने ट्रामा सेंटर का भी निरीक्षण किया तथा भर्ती मरीजों से दूरभाष पर वार्ता कर उनसे स्वास्थ संबंधी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने पीपीई किट पहनकर चिकित्सालय में भर्ती कोविड मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ के संबंध में जानकारी ली और अस्पताल के डॉक्टरों व स्टॉस नर्स सहित अन्य कार्मिको से वार्ता कर मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही स्वास्थ्य सुविधा की जानकारी ली।
सीएम ने अधिकारियों के साथ जिले में चल रहे विकास कार्यो को लेकर बैठक करी और जरूरी दिशा निर्देश जारी किये। इस मौके पर सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य उपकरणों को बढ़ाया जा रहा है और पूरी कोशिश है कि लोगों को बेहतर उपचार मिले इसके लिये निरंतर प्रयास किये जा रहे है उन्होंने कहा कि गांव गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त हों इसके लिये भी कार्य योजना बनाई गई है।

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♦️भाजपा के जिला अध्यक्ष ने चिकित्सालय में भर्ती कांग्रेसी नेता से सीएम की कराई थी बात, सफाई की शिकायत को टाल गए सीएम

कोविड केयर सेंटर में भर्ती एक मरीज से टेलीफोन पर भी बात की। लेकिन एक सवाल लोगों की दिलो दिमाग में कौंध रहा है कि सीएम ने आखिर किस कोरोना मरीज से बातचीत की और मरीज ने ऐसी क्या समस्या बताई सीएम ने देखता हूं कहते हुए बात को बदल दिया। तो हम आपको बताते हैं। यह शख्स हैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य आंदोलनकारी भुवन पाठक। हमने उनसे बातचीत की। तो उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत की और चिकित्सालय में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि उन्होंने सीएम को बताया कि चिकित्सालय में चिकित्सक तो समय पर आते हैं, भोजन भी समय पर और सही मिलता है, लेकिन कोविड चिकित्सालय के शौचालय में साफ सफाई के इंतजाम पर उन्होंने असंतुष्टता जताई थी। लेकिन सीएम ने इस पर देखता हूं…कह कर बात टाल दी। उन्होंने बताया कि इसके कई घंटे बाद भी शौचालय की दशा नहीं सुधर सकी है।

जब उनसे पूछा गया कि आप कांग्रेस के नेता है और आपको फोन मिलाकर सीएम से बात कराने वाले भाजपा के जिला अध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट ने आपका ही नाम क्यों दिया। इस पर उन्होंने कहा कि राजनैतिक विचारधारा अलग होते हुए भी उनके बीच के संबंध अच्छे हैं। संभवत:राज्य आंदोलनकारी होने के नाते शिव सिंह बिष्ट ने मेरा नंबर मिला दिया होगा।
इन सब बातों के बीच एक बात साफ है कि मुख्यमंत्री कोरोना पीड़ित से बातचीत पूर्व निर्धारित ही थी। वर्ना सीएम कोविड चिकित्सालय में भर्ती किसी अंजान व्यक्ति से बात करके अंदर के बारे में जानकारियां जुटाते। लेकिन भाजपा के जिलाअध्यक्ष ने अपने परिचित से ही उनकी बात कराई।

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Rajkumar Singh