News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttar Pradesh / Unnav : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना कूड़ा घर, जिम्मेदारों को नही दिखती गंदगी- गंदगी देख तीमारदार ने टोका, कर्मचारी बोला ख़ुद ही कर लो

Safirpur : जहां एक और देश से लेकर प्रदेश की सरकार तक स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत को लेकर कटिबद्ध है वही अधीनस्थ लगा रहे हैं सरकार के निर्देशों में पलीता। इन सब स्थितियों परिस्थितियों में कैसे साकार होगा स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत का सपना। जिम्मेदार देख कर भी अनदेखा कर अपने कर्तव्यों की कर रहे हैं इतिश्री।मामला फतेहपुर चौरासी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। यहां चौंकाने वाली बात यह है कि यह गंदगी के ढेर उस अस्पताल में लगे हैं जिसके ठीक बगल में ब्लॉक और थाना है, लेकिन अस्पताल में घुसते ही दाएं बाएं कूड़े के ढेर लगे हैं। दीवार के किनारे व द्वितीय फ्लोर पर गंदगी का अंबार है। पानी की टंकी के नीचे ऐसा लगता है जैसे कूड़ा घर हो। दूर से ही कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं। अस्पताल की मुख्य इमारत के आसपास कुछ सफाई दिखती है। वहां भी जगह-जगह कूड़े को इकट्ठा किया गया है। हालात यह हैं कि अस्पताल गेट से अंदर घुसते ही बदबू आने लगती है, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों को यह सब न तो दिखाई देता है और न उन्हें बदबू आती है। अस्पताल में मौजूद मरीज सुनीता, गोमती व तुलाराम समेत अन्य ने बताया कि सफाईकर्मी व डॉक्टर ही यहां कूड़ा डालते हैं। सफाई करते समय कूड़े को दीवार के किनारे कर दिया जाता है जिससे धीरे-धीरे कूड़े के ढेर लग गए हैं।इनसेट – सफाई के नाम पर धन उगाहीशाहपुर बुजुर्ग मेंबीती रात दो पक्षों में हुई मारपीट में एक अधेड़ बुरी तरह लहूलुहान हो गया था। जिसने थाने पहुंच कर तहरीर दी थी जिसके पश्चात अधेड़ को मेडिकल के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था। जिसे गंभीर हालत देख जिला अस्पताल रेफर करने के एवज में डॉक्टर शिव प्रताप सिंह ने 500 रुपए की मांग की जो कि पीड़ित ने उधार लेकर पैसे दिए।

See also  Uttar Pradesh / Sonbhadra : The wife had an affair with a non-man - the husband had poisoned the mother, wrote in the suicide note, the wife had made it difficult to live with her lover and brother