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Uttar Pradesh / Kanpur : ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और चौराहों पर भीख मांगने के लिए बच्चों का किया जा रहा है इस्तेमाल 

700 से एक हजार रुपए तक रोजाना कमाता है एक बच्चा   

शहर में बच्चों से भीख मंगवाने वाला का बड़ा नेटवर्क चप्पे-चप्पे में फैला हुआ है। गैंग के सरगना स्लम एरिया के बच्चों को भीख मांगने के लिए ठेके पर लाते हैं। उन्हें ट्रेनिंग देने के बाद रेड लाइट पर भीख मांगने के लिए उतार देते हैं। यह खुलासा परेड चौराहा से भीख मांगने वाले आठ बच्चों के पकड़े जाने पर हुआ। कर्नलगंज सीओ त्रिपुरारी पांडेय की पूछताछ में बच्चों ने बताया कि एक बच्चा करीब 700 से एक हजार रुपए तक रोजाना कमाता है। इसमें से ठेकेदार बच्चों को 200 रुपए देता है।

सीओ ने बताया कि भिखारी गैंग के सरगना स्लम एरिया के बच्चों को पूरे शहर में भीख मांगने के लिए लगा रखा है। ठेकेदार स्लम एरिया से बच्चों को तलाशने के बाद उन्हें ट्रेंड करके भीख मांगने के लिए उतारता है। बच्चों से पूछताछ करने का प्रयास किया जा रहा है। इन सभी बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया जाएगा।  सीडब्ल्यूसी ही अब बच्चों पर अपना फैसला लेगा कि उनका क्या करना है।

पुलिस कमिश्नर ने गिरोह के खिलाफ छेड़ा अभियान  

पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोह के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। कमिश्नर ने पूरे शहर के थानेदारों,सीओ,एसपी और क्राइमब्रांच को बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोह को पकड़ने की जिम्मेदारी दी है।

कमिश्नर ने कहा कि बच्चों से भीख मंगवाने वाले माता-पिता के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। गिरोह के खिलाफ तो सख्त कार्रवाई होगी। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल शनिवार को राजकीय बालगृह का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शहर में इन दिनों हो रहे ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और चौराहों पर भीख मांगने के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है। गैंग का खुलासा करने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

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