News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttarakhand / Vikas Nagar : मदरसा शिक्षकों ने लगाई निदेशक से मानदेय की गुहार 

पिछले पांच साल से मानदेय से वंचित मदरसा शिक्षकों ने मदरसा शिक्षा परिषद के निदेशक से मानदेय की मांग की है। शिक्षकों ने बताया कि पांच साल से एसपीक्यूएम योजना तहत मिलने वाले मानदेय से वंचित रहने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। मदरसा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मौ. इस्लाम ने बताया कि सत्र 2016-17 का मानदेय केंद्र सरकार से राज्य सरकार को मिल चुका है, लेकिन अभी तक कई मदरसों को शिक्षकों को यह मानदेय भी नहीं दिया गया है। बताया कि कुछ मदरसों को केंद्र सरकार से प्राप्त मानदेय की पहली किश्त की जारी की जा चुकी है, लेकिन अधिकांश मदरसों को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि पांच साल से मानदेय नहीं मिलने के कारण शिक्षकों के परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। इसके साथ ही सरकार ने मदरसों को मिलने वाले कई अनुदान भी बंद कर दिए हैं। कहा कि कोविड काल में मदरसा शिक्षकों के सामने अन्य कोई रोजगार का साधन भी नहीं है। सरकार अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों के साथ भेदभाव कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार के अन्य सभी संविदा कर्मियों को समय पर मानदेय दिया जा रहा है, लेकिन मदरसा शिक्षकों को कोविड काल से तीन वर्ष पहले से ही मानदेय से वंचित कर दिया गया है। इसका प्रभाव मदरसों पर भी पड़ रहा है। कई शिक्षक मदरसों को छोडक़र अन्य संस्थानों में जा रहे हैं, जिससे मदरसों में अध्ययनरत नौनिहालों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों ने जल्द मानदेय दिए जाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में माशूक अली, सुरेंद्र कुमार, इश्तियाक आदि शामिल रहे।

See also  Uttar Pradesh / Moradabad : Despite the assurance of the administration, the road could not be built, the farmers said - the movement will continue