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Himachal Pradesh / Una : ऊना का जल भराव रोकने को शहर में 7 मुख्य ड्रेन बनाने का प्रस्तावः सतपाल सत्तीड्रेनेज परियोजना कार्यान्वयन समिति की पहली बैठक में हुई विस्तार से चर्चा

22 करोड़ रुपए से ऊना शहर में जल भराव की समस्या का निदान करने के लिए प्रस्तावित ड्रेनेज परियोजना की कार्यान्वयन समिति की पहली बैठक आज डीआरडीए हॉल में हुई, जिसकी अध्यक्षता छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने की। बैठक में उपायुक्त राघव शर्मा, एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा, अधीक्षण अभियंता अरविंद सूद, डीएलएसए सचिव विवेक खनाल, नगर परिषद अध्यक्षा पुष्पा देवी व अन्य पार्षदों के साथ-साथ समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि ऊना शहर में जल भराव की समस्या का स्थाई निदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने 22 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। जल शक्ति विभाग के माध्यम से इस परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिसके लिए ड्रोन से सर्वे किया गया है तथा पुरानी डीपीआर की कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज परियोजना के तहत 7 प्रमुख नालों की चैनलाइजेशन का प्रस्ताव है, जिनके माध्यम से शहर का सारा पानी लालसिंगी खड्ड के साथ-साथ ऊना खड्ड में मिलाया जाएगा। सत्ती ने कहा कि सात प्रमुख नालों में कोटला नाला, अरनियाला नाला, सब्जी मंडी नाला, नंगल से पुराना होशियारपुर रोड का नाला, होटल नटराज के साथ का नाला, वार्ड नंबर 10 रामपुर का नाला तथा चंद्रलोक कॉलोनी नालों को पक्का किया जाएगा और यहां से बारिश के पानी की उचित निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के धरातल पर उतरने से ऊना शहर को जल भराव की समस्या से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही परियोजना का प्रोजेक्ट प्लान तैयार कर लिया जाएगा, जिसके बाद टैंडर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जुलाई 2022 तक इन सभी नालों की चैनलाइजेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अगली बरसात में शहर के लोगों को जल भराव की समस्या न झेलनी पड़े।

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समन्वय के साथ कार्य करेंः डीसी 

बैठक में उपस्थित उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि नालों की चैनलाइजेशन जल भराव की समस्या का स्थाई लाभ है। इस कार्य में नगर परिषद व राजस्व विभाग के साथ-साथ जल शक्ति विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जन सहयोग भी अपेक्षित है। सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों में इस परियोजना से होने वाले लाभ को लोगों के बीच लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि दो हफ्तों के भीतर परियोजना का खाका तैयार हो जाएगा, लेकिन इससे पहले जल शक्ति विभाग जमीनी सर्वे भी कर ले, ताकि कहीं कोई कमी न रह जाए तथा लोगों को इस परियोजना का पूरा लाभ मिल सके।