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Uttarakhand / Tehri : ग्राम प्रधानों का आंदोलन रहा जारी 

जनपद में विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानों का आंदोलन जारी है। जिसके तहत थौलधार के ब्लाक कार्यालय में प्रधानों की तालाबंदी के चलते नवें दिन भी ताले लटके नजर आये।थौलधार में ग्राम प्रधानों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10 बजे ब्लॉक मुख्यालय में एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए ब्लॉक मुख्यालय में तालाबंदी की। उपस्थित ग्राम प्रधान संगठन के वक्ताओं ने कहा की अगर सरकार दो-तीन दिन में प्रधान संगठन की मांगों का निराकरण नहीं करती है, तो समस्त ग्राम प्रधान ग्राम वासियों के साथ जिला मुख्यालय और प्रदेश की राजधानी देहरादून में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। विभिन्न ग्राम पंचायतों से कई ग्रामीणों ने भी ग्राम प्रधानों के धरना-प्रदर्शन को अपना समर्थन देते हुये कहा कि ग्राम प्रधानों की मांगे ग्राम वासियों के हित में है। मांगों में मनरेगा में प्रति जॉब कार्ड श्रमिक दिवस 100 से बढ़ाकर 200 करने और मनरेगा मजदूरों की मजदूरी ₹204 से ₹350 प्रतिदिन करने से ग्राम वासियों को रोजगार मिलने में भी मदद मिलेगी। ग्राम वासियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ग्राम प्रधानों का मानदेय ₹10000 प्रतिमाह किया जाए। सीएससी सेंटर को न्याय पंचायत के बजाय ग्राम पंचायत स्तर पर खोला जाए, ताकि गांव के ही किसी व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध हो सके। सरकार को जनहित में अति शीघ्र मांगों का निराकरण कर देना चाहिए। अन्यथा उग्र आंदोलन की राह पर प्रधानों को चलना पड़ेगा। प्रधानों का कहना है कि बीते दो सालों से मागों के निराकरण को मात्र आश्वासन दिये जा रहे हैं। धरना-प्रदर्शन करने वालों में प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा, उपाध्यक्ष दीवान पडियार, महामंत्री सुरेश राणा, मोहन डोभाल, वीरेंद्र अग्निहोत्री, बीना नेगी, विजयलक्ष्मी खंडूरी, विकास जोशी, विनोद भट्ट, महावीर सेनवाल, जगमोहन चौहान, जयपाल चौहान, सुभाष दास सैलवान, मुकेशदास आदि शामिल रहे।

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