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Uttarakhand / Bageshwar : नंदा-सुनंदा महोत्सव का समापन

नुमाइशखेत में चल रहे नंदा-सुनंदा महोत्सव का समापन हो गया है। शुक्रवार को भक्तों ने नगर में मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों की भव्य शोभायात्रा निकाली। नगर भ्रमण के बाद मूर्तियों को सरयू नदी में ब्रह्मकपाली शिला के समीप विसर्जित किया गया। वहां मौजूद भक्तों ने उन्हें नम आखों से विदा किया। नगर में नंदा-सुनंदा महोत्सव का आयोजन रामलीला कमेटी के तत्वाधान में हुआ। महोत्सव में चौरासी से लाए कदली वृक्ष से मां नंदा और सुनंदा की मूर्तियों का भव्य निर्माण किया गया। भक्तों ने पंडाल में आकर मां के भव्य रूप के दर्शन किए। गत गुरुवार को शाम कमेटी ने सरयू आरती का आयोजन किया। जिसमें नगर के भक्तों ने भागीदारी की। देर रात तक पंडाल में भजन कीर्तन हुए। शुक्रवार की सुबह पंडितों ने विधिविधान से पूजा संपन्न कराई। हवन, यज्ञ किया गया और भक्तों ने आहूति डाली। दोपहर के समय मां की मूर्तियों को नगर भ्रमण के लिए लाया गया। जिसमें महिलाएं, बच्चे और नगर के लोग शामिल हुए। झांकी नुमाइशखेत से होकर कांडा रोड, माल रोड, स्टेशन रोड, एसबीआइ तिराहा, तहसील रोड होकर यात्रा सरयू तट पर समाप्त हुई। जहां ब्रह्मकपाली शिला के समीप मूर्तियों का विसर्जन हुआ। नगर समेत आसपास से आए लोगों ने मां को विदा किया। उन्होंने मां नंदा और सुनंदा से अगले साल जल्दी आने का वादा लेकर उन्हें विदाई दी। इस मौके पर अध्यक्ष मनोज पांडे, कवि जोशी, अंकुर उपाध्याय, इंदिरा जोशी आदि मौजूद थे।

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