News Cubic Studio

Truth and Reality

बीजेपी का झूठ फिर हुआ बेनकाब, देश हुआ शर्मसार

“हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले,
बहुत निकले मेरे अरमाँ, लेकिन फिर भी कम निकले,

निकलना खुल्द से आदम का सुनते आये हैं लेकिन,
बहुत बे-आबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले”- मिर्जा गालिब

ग़ालिब साहब की लिखी यह पंक्तियां आज मोदी जी और मोदी सरकार की हालत बयां करने के लिए एकदम सटीक बैठती हैं। पिछले 7 सालों में जिस तरह से भारत की मीडिया भारत सरकार का पक्ष रख रही थी, उससे यही प्रतीत होता था कि भारत के और मोदी जी के नाम का दुनिया भर में डंका बज रहा है परंतु मोदी सरकार के कार्यकाल में जिस तरह से हर क्षेत्र में भारत का प्रदर्शन गिर रहा है उससे अब भारत की जनता भी अनजान नहीं रही है। सोशल मीडिया के इस दौर में कुछ भी छुपा पाना बहुत लंबे समय तक मुमकिन नहीं है।

जिस सोशल मीडिया की ताकत का इस्तेमाल करके मोदी जी सत्ता में आए थे, आज वही सोशल मीडिया मोदी जी और उनकी सरकार के लिए बहुत हानिकारक साबित हो रहा है। बात हो रही है जेवर एयरपोर्ट की जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा 25 नवंबर को किया गया। इस समाचार को साझा करते हुए मोदी सरकार के तमाम मंत्रियों ने ट्वीट्स किए इन ट्वीट्स में इस्तेमाल की गई तस्वीर पर चीन की सरकारी मीडिया से जुड़े व्यक्ति का ट्वीट आया की इन ट्वीट्स मैं इस्तेमाल की गई तस्वीर बीजिंग एयरपोर्ट की है साथ ही उन्होंने यह भी लिखा की मोदी सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर मैं की गई उनकी उपलब्धियों को दिखाने के लिए चीन के बीजिंग एयरपोर्ट की तस्वीर को इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया में घमासान मच गया है मोदी सरकार की अंतरराष्ट्रीय बेज्जती हो रही है गौर करने वाली बात यह है कि यह सिर्फ मोदी सरकार की बेज्जती नहीं है बल्कि हर उस हिंदुस्तानी की बेज्जती है जो गोदी मीडिया में दिखाया जा रहे मोदी सरकार के महिमामंडन को सच मानता है। पूर्व में भी योगी सरकार अपनी उपलब्धियों को दिखाने के लिए अपने विज्ञापन में कोलकाता के फ्लाईओवर की तस्वीर का इस्तेमाल कर चुके हैं। इस तरह की झूठी तस्वीरों का इस्तेमाल कर जिस तरह से देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है वह बेहद निंदनीय है। मोदी सरकार को यह समझना होगा की किसी भी देश की सरकार द्वारा इस तरह से जनता को भ्रमित करना आज के सोशल मीडिया के दौर में लगभग असंभव है।

See also  The largest borrower of the country's banks is the world's fourth richest Adani group

सत्यन्वेशी