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जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने इंडस्ट्री 4.0 पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कंप्यूटर विज्ञान विभाग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग, बिग डेटा और एनालिटिक्स ध्यान केंद्रित करते हुए इंडस्ट्री 4.0 पर हाइब्रिड मोड में आई ओ टी पर एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख शिक्षाविदों, शोधार्थियों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने उभरती प्रौद्योगिकियों में तेजी से प्रगति और विभिन्न क्षेत्रों पर उनके परिवर्तनकारी प्रभाव के बारे में चर्चा की।

संगोष्ठी का उद्घाटन जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के कुलपति प्रो मजहर आसिफ ने किया और उन्होंने नवाचार एवं अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय के समर्पण पर बल दिया। अपने उद्घाटन भाषण मेंउन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार इंडस्ट्री 4.0 प्रौद्योगिकियां उद्योगों और शिक्षा जगत में क्रांति ला रही हैं तथा शोधार्थियों को इस उभरते परिदृश्य में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

विशिष्ट अतिथि और मुख्य वक्ता साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रोफेसर के. के. अग्रवाल ने इंडस्ट्री 4.0 के भविष्य पर एक प्रेरक भाषण दिया जिसमें अंतःविषयक सहयोग के महत्व और अगली औद्योगिक क्रांति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर बल दिया गया।

मेलबर्न विश्वविद्यालय के प्रख्यात मुख्य वक्ता प्रो राजकुमार बुय्या और मंजरासॉफ्ट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ ने क्लाउड कंप्यूटिंग एवं उद्योग 4.0 में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में गहन जानकारी दी।

टेक्सास विश्वविद्यालय, डलास, अमेरिका के प्रो लतीफुर खान ने निर्णय लेने में बड़े डेटा एनालिटिक्स के महत्व और इसके दूरगामी अनुप्रयोगों के बारे में चर्चा की।

नई दिल्ली में आई जी डी टी यू डब्लू की पूर्व कुलपति प्रो अमिता देव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग पर ध्यान केंद्रित किया और उद्योगों और कार्यबल विकास पर उनके प्रभाव पर रोशनी डाली ।

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जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू और कश्मीर के रामनगर परिसर के निदेशक प्रो विनोद शर्मा ने स्मार्ट शहरों और स्वास्थ्य सेवा स्वचालन में आई ओ टी के एकीकरण पर विस्तार से चर्चा की और सतत तकनीकी विकास की क्षमता पर बल दिया।

प्रो मनसफ आलम द्वारा आयोजित इस सेमिनार का संचालन प्रोफेसर मोनिका मेहरोत्रा, कंप्यूटर विज्ञान विभाग की अध्यक्ष के नेतृत्व में किया गया जिन्होंने इस कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित की। सेमिनार के दौरान कई प्रतिष्ठित संकाय सदस्य भी मौजूद थे। उनकी भागीदारी और अंतर्दृष्टि ने चर्चाओं को और समृद्ध किया जिससे शानदार विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

प्रो. मंसफ आलम द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और उन्होंने सेमिनार को सफलतापूर्ण तरीके से आयोजित करने में अपना अमूल्य योगदान के लिए सभी प्रतिष्ठित वक्ताओं, संकाय सदस्यों, प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने नवाचार एवं विकास को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकियों में निरंतर सहयोग तथा अनुसंधान के महत्व पर बल दिया।