News Cubic Studio

Truth and Reality

पुलवामा हमले के बाद मैंने यह लिखा था –

f

f

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज़ादी की लड़ाई का विरोध करता रहा| हिन्दू महासभा ने भारत के दो हिस्से करने का प्रस्ताव सबसे पहले पारित किया| आज़ादी मिलते ही संघी और हिन्दू महासभाई मुसलमानों पर टूट पड़े और देश भर में निर्दोष औरतों बूढ़ों और बच्चों का खून बहाया| लेकिन आज भारत के दो टुकड़े होने और हिंसा के लिए संघी गांधी को दोषी बताते हैं|

यह संघियों की पुरानी चालाकी है| सारी बदमाशी करके सारा दोष किसी और के सर पर डाल दो|

अभी पुलवामा में जो हमला हुआ उसमें पूरी की पूरी ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की है| लेकिन सरकार में बैठे नेताओं ने फिर अपनी पुरानी चालाकी वाली चाल चल दी और अपनी ज़िम्मेदारी से बचने के लिए सारा इल्ज़ाम पकिस्तान के सर पर डाल दिया|

इस हमले की जांच के लिए क्या कोई जांच कमीशन बैठाया गया है? क्या कोई जांच पूरी हो गई है? क्या जांच की रिपोर्ट में पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत बताये गये हैं?

आश्चर्य की बात देखिये ऐसा कुछ भी नहीं किया गया? एक संघी प्रधानमंत्री एक बयान देता है और पूरे भाजपाई और संघी गुंडे सड़कों पर निकल आते हैं और लोगों को डराते धमकाते हैं कि चलो पाकिस्तान को गालियाँ दो वरना अभी तुम्हें देशद्रोही साबित करते हैं|

अगर हम जैसा कोई सही सलामत समझ वाला भारतीय नागरिक सवाल करे कि भाई मोदी के बयान पर यकीन करना अनिवार्य कब से हो गया? मैं मोदी के बयान पर यकीन करने की बजाय एक जागरूक नागरिक की तरह मोदी से सवाल पूछना चाहता हूँ कि आपके सत्ता में आने के बाद कश्मीर में हिंसा क्यों बढ़ी? कश्मीर में आपकी पार्टी के समर्थन से अच्छी भली सरकार चल रही थी| जब वहां की सरकार ने एक पुजारी को आठ साल की लड़की असीफा के बलात्कार के आरोप में जेल में डाला तो आपकी पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे| उसके बाद आपने बहाने बना कर उस चलती सरकार को गिरा कर पूरी सत्ता अपने हाथ में ले ली| इसके बाद कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए आपने हिंसा का नया दौर शुरू किया| जो समस्या धीरे धीरे काबू में आ रही थी आपने उसे ज़्यादा भड़का दिया|

See also  Adani's New Testament Hunger and Political Access

जब सरकार को सूचना मिल चुकी थी कि हमला हो सकता है तो आपने सिपाहियों को हवाई जहाज़ से क्यों नहीं भेजा? कश्मीर में थोड़ी थोड़ी दूरी पर चेकिंग पोस्ट हैं| एक गाड़ी साढ़े तीन सौ किलो बारूद के साथ वहाँ आराम से कैसे आ गई ?

सिपाहियों के मरते ही भाजपा एकदम जोश में भर कर चुनाव के मोड में कैसे आ गई? सारे भाजपाई सड़कों पर निकल कर खुद को देशभक्त और अपनी पार्टी के अलावा सभी पार्टियों को देशद्रोही घोषित करने में क्यों लग गए ? ऐसा लग रहा है जैसे भाजपा की तो लाटरी लग गई हो ?

कहाँ तो हालत तो यह थी कि जनता मोदी से बहुत परेशान थी| भाजपाई क्या कहकर भाजपा के लिए वोट मांगते ? नोटबंदी फेल,रोज़गार देने का वादा फेल, डालर सस्ता होने का वादा फेल, आतंकवाद खत्म होने का वादा फेल, पाकिस्तान के डरने का वादा फेल, चीन के थर थर कांपने का दावा फेल, महंगाई कम होने का वादा फेल| लेकिन सिपाहियों के मरते ही भाजपा में जैसे जान पड़ गई है| अब भाजपाई गुंडे हरेक का गिरेबान पकड़ कर देशद्रोही होने का इल्ज़ाम लगा रहे हैं|

मोदी ने थोड़े दिन पहले बयान दिया था कि विपक्ष मुझे हराना चाहता है| मोदी से पूछो कि विपक्ष का काम आपको जिताना है क्या ? ऐसी कौन सी एन्टायर पालिटिकल साइंस की किताब में पढ़ाया जाता है कि विपक्ष का काम सत्ता पक्ष को जिताना होता है? मतलब अपनी नाकामयाबी के लिए दूसरे को दोषी बता दो| इसी तरह से मोदी अपनी सारी नाकामी को पकिस्तान के सर डाल कर खुद को हर पूछताछ से ऊपर रखने का पुराना खेल खेल रहे हैं|

See also  Taj Mahal was not the name of this building, 99 percent people are still unaware of its truth, do you know?

लेकिन आप इन संघी गुंडों से डरिये मत| आपको इन्हें अपने देशभक्त होने का सबूत देने की ज़रूरत नहीं है| देश के लोगों के बीच नफरत फैला कर दंगे भड़काने वाले, गांधी, दाभोलकर, पंसरे, कलबुर्गी, गौरी लंकेश की हत्या करने वाले हत्यारों को देश और देशभक्ति के बारे में अभी हमसे सीखना बाकी है|

इनकी आँखों में आँखें डाल कर जवाब दीजिये इन्हें दिखा दीजिये कि आपको पता है कि देशभक्ति इस देश के लोगों को प्यार करने को कहा जाता है और देशद्रोही वह है जो देश के लोगों के बीच नफरत फैलाता है|

हिमांशु कुमार