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03 दिवसीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता में 08 राज्यों के 31 राइडर कर रहे हैं प्रतिभाग

रिपोर्ट – राजकुमार सिंह परिहार

एडवेंचर को पसंद करने वालों के लिए पैराग्लाइडिंग एक स्पोर्टस से कम नहीं है। इसका मजा लेने के लिए लोग दूर-दूर तक जाते हैं। पर बहुत कम लोगों को पता होगा कि भारत का उत्तराखंड खुद में एक पैराग्लाइडिंग केंद्र है। यहां लगभग हर जनपद में इसकी अपार सम्भावनाएँ हैं। बागेश्वर जनपद में पहली बार आयोजित 03 दिवसीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता का हुआ आगाज। पर्यटन विकास परिषद व जिला प्रशासन के तत्वाधान में पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता का कैदारेश्वर मैदान कपकोट में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने शुभारम्भ किया।

खिलाडियों व जनता को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बसंती देव ने कहा कि बागेश्वर प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण होने के साथ ही साहसिक पर्यटन की भी अपार सम्भावनायें है। उन्होंने कहा यहॉ पिण्डारी, कफनी, सुन्दरढूंगा जैसे सुन्दर ग्लेशियर होने के साथ ही साहसिक पर्यटन में ट्रैकिंग, राफ्टिंग के साथ ही पैराग्लाइडिंग हेतु बेहतर स्थल है। उन्होंने कहा सरकार साहसिक खेलों को बढ़ावा देने हेतु प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे साहसिक खेलों में रूची लेकर इन्हें व्यवसायिक रूप में अपनाकर आर्थिकी मजबूत करें। उन्होंने पैराग्लाइडिंग को शुभकामनायें दी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में साहसिक खेलों की अपार सम्भावनायें है। ट्रैकिंग के साथ ही राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग हेतु बेहतर स्थल व माहौल है। इन साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया जायेगा। सरकार भी साहसिक खेलों को बढ़ावा देने हेतु प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जनपद में नैसर्गिक सुन्दरता के साथ ही सुन्दर ग्लेशियर है, नेचर प्रेमी साल भर इन सुन्दर ग्लेशियरों के भ्रमण हेतु जनपद में आते है। उन्होंने कहा कि जनपद में पैराग्लाइडिंग के अच्छे स्थल है प्रथम बार 03 दिवसीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, भविष्य में भी साहसिक खेलों का आयोजन किया जायेगा ताकि और साहसिक पर्यटक बागेश्वर को रूख करें, जिससे पर्यटन रोजगार को और बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि खेलों के साथ ही जनपद में सड़कों व परिवहन सुविधाओं को भी बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जनपद में साहसिक खेलों के आयोजन हेतु सरकार व पर्यटन विकास परिषद का आभार व्यक्त किया।

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पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल ने कहा कि सरकार साहसिक खेलों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा प्रदेश में रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग के साथ ही पैराग्लाइडिंग, पैरासेलिंग जैसे साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से साहसिक खेलों में रूचि लेकर स्वरोजगार अपनाने की अपील की।

पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति आर्या ने बताया कि जालेख से कैदारेश्वर मैदान कपकोट में 03 दिवसीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता में 08 राज्यों हरियाणा, हिमांचल, आसाम, सिक्कीम, महाराष्ट्रा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड के साथ ही आर्मी, आसाम राइफ़ल के 31 पैराग्लाइडिंग प्रतिभाग कर रहे है। उन्होंने बताया कि प्रथम विजेता को 50 हजार, द्वितीय को 30 हजार व तृतीय को 20 हजार का नकद ईनाम दिया जायेगा। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीतों के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये।

बेहद गर्मजोशी के साथ आज बागेश्वर जनपद में पहली बार पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता शुरू की गई, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकें। चर्चा तो यह भी है कि, पैराग्लाइडिंग की शुरुआत सही तरीके से सही लक्ष्य को ध्यान में रखकर की जाए तो युवाओं को रोज़गार के लिए नही भटकना होगा।

कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख गोविन्द सिंह दानू, नगर पंचायत अध्यक्ष गोविन्द बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह शाही, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, जिलाध्यक्ष भाजपा इन्द्र सिंह फस्वार्ण, महामंत्री संजय परिहार, सांसद प्रतिनिधि दयाल सिंह ऐठानी, ज्येष्ठ प्रमुख हरीश मेहता, दीपक गडिया, शंकर बोरा, मनोहर राम के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ डीपी जोशी, उप जिलाधिकारी मोनिका, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ हरीश पोखरिया, अधि0अभि0ग्रानिवि रमेश चन्द्रा सहित प्रतियोगिता जज कै0 राघवेन्द्र पाठक, विष्णु शर्मा, अखीलेश यादेव, धीरेन्द्र ठाकुर, एस.राज, पैराग्लार्इडरर्स आशिष ठाकुर, दिव्या, भुवन चन्द्र आर्या, दिनेश कोरंगा, मणीकांत एम मखोलिया सहित 31 पैराग्लाइडिंग मौजूद रहे।

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