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Dehradun : कुछ ऐसी हो सकती है CM तीरथ की कैबिनेट , नवरत्नों में शामिल हो सकते हैं ये स्वच्छ छवि के IAS अधिकारी

दसवें मुख्यमंत्री के रूप में CM तीरथ सिंह रावत की ताजपोशी के बाद सबकी नजर अब टीम TSR पार्ट 2 पर आकर टिक गई है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की कैबिनेट में कौन होगा ?  उनके इर्द-गिर्द ब्यूरोक्रेसी में वो IAS अधिकारी कौन से होंगे ? वह कौन से चेहरे होंगे जिन पर तीरथ सिंह रावत भरोसा कर बचे हुए कार्यकाल को एक नए अंदाज में पूरा करेंगे ? उन चेहरों का नाम जानने की सबसे ज्यादा बेचैनी खुद ब्यूरोक्रेसी में भी देखी जा रही है ?

CM तीरथ ने ली पहली बड़ी बैठक

सचिवालय की भूमिका और आईएएस अधिकारियों की कार्यप्रणाली ने त्रिवेंद्र सरकार की खूब किरकिरी कराई थी जिसकी शिकायत पार्टी के विधायकों , मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर देहरादून से लेकर दिल्ली तक की थी। लिहाजा अब तीरथ सिंह रावत कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं । इसलिए उन्होंने पहली फुर्सत में ही अपने नवरत्नों को तलाशना शुरू कर दिया है ।

ये IAS अफसर हो सकते हैं कोर टीम में शामिल – 
 सीएम तीरथ सिंह रावत से जुड़े करीबी सूत्र हमें बता रहे हैं कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत रिजल्ट ओरिएंटेड युवा और साफ छवि के आईएएस अधिकारियों को ही अपनी कोर टीम में शामिल करने जा रहे हैं। जिनमें सबसे बड़ा नाम सामने आ सकता है वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राधा रतूड़ी का जिन्हें उनकी साफ-सुथरी छवि का बड़ा फायदा मिल सकता है ।

IAS राधा रतूड़ी , उत्तराखंड शासन

वही दूसरा बड़ा नाम IAS अमित नेगी का हो सकता है जिनकी कार्यप्रणाली पर कभी सवाल खड़े नहीं हुए हैं। युवा और रिजल्ट ओरिएंटेड आईएएस अधिकारी अमित नेगी को भी टीम तीरथ में बेहद खास जगह मिल सकती है।

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IAS अमित नेगी , उत्तराखंड शासन

वही CM तीरथ सिंह रावत के विश्वस्त यह भी बता रहे हैं की टीम तीरथ में जिन सचिवालय के आईएएस अधिकारियों को शामिल किया जा सकता है उनकी पहली क्वालिफिकेशन उनकी ईमानदार साफ-सुथरी छवि और सरकार के प्रति वफादारी रखी गई है जिसमें IAS अरविंद सिंह ह्यांकी,  वरिष्ठ IAS आनंद वर्धन, IAS N फिनाई, IAS C रविशंकर IAS विनय शंकर पांडे जैसे नवरत्न खास तौर पर जगह पा सकते हैं।

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जो गलतियां अतीत में की हैउस पर CM तीरथ सिंह रावत अब एक-एक कदम को फूंक-फूंक कर रखना चाहते हैं । अपनी पहली बैठक में ही तीरथ सिंह रावत ने यह भी साफ कर दिया है कि ब्यूरोक्रेसी में जो आईएएस जी हुजूरी और फाइलों की मूवमेंट में हीला हवाली कर रहे हैं उन्हें किनारे कर दिया जाएगा और जिन अधिकारियों ने सरकार और प्रदेश के प्रति वफादारी दिखाई उन्हें हर हाल में तवज्जो दी जाएगी।

कुछ ऐसा होगा CM तीरथ का मंत्रिमंडल –  बात करें मंत्रिमंडल की , तो हमारे सूत्र  बता रहे हैं महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्या का पत्ता कट सकता है उनकी जगह पर पूर्व सीएम BC खंडूरी की बेटी और यमकेश्वर  विधायक रितु खंडूरी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है

भाजपा विधायक ऋतु खंडूरी

वही यशपाल आर्य को अभय दान मिल सकता है लेकिन शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे निपटाए जा सकते हैं और उनकी जगह पर वरिष्ठ पार्टी विधायक पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट में एट्री मार सकते हैं ।

अब बात करें कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की तो हमारे सूत्र यह भी बता रहे हैं कि सतपाल महाराज को पौड़ी सीट से लोकसभा के जरिए केंद्र में एंट्री मिल सकती है… हो सकता है पौड़ी सीट पर केंद्रीय नेतृत्व NSA अजीत डोभाल पर भी दांव चल दे। हांलाकि ये खबरें सूत्रों पर ही आधारित हैं लेकिन लगभग यही तस्वीर बनती नज़र आ रही है। हालांकि हमारे विश्वस्त सूत्र यह भी बता रहे हैं कि विधायक यतीश्वरानंद भी तीरथ कैबिनेट में आ सकते हैं तो वही बलवंत सिंह  भौरियाल को भी कैबिनेट का हिस्सा बनाया जा सकता हैं । 

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भाजपा विधायक बलवंत सिंह भौरीयाल

युवा और पार्टी समर्पित कार्यकर्ताओं को बनाया जा सकता है OSD सलाहकार
वही बात करें मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द रहने वाले ओएसडी और सलाहकारों की जिन पर सबसे ज्यादा जिम्मेदारी होती है अपने मुख्यमंत्री की छवि को बनाने और बिगाड़ने की तो उसमें इस बार तीरथ सिंह रावत कोई रिस्क लेने के मूड में भी नहीं है । लिहाजा उन्होंने साफ संकेत दिया है कि उनके ओएसडी और सलाहकार पार्टी समर्थित वह युवा टीम होगी जो पूरी तरह से अपनी सरकार और राज्य के भले के लिए सोचेगी। इस नई टीम में सबसे बड़ा और अहम नाम सामने आ रहा है त्रिवेंद्र सिंह रावत के राज में हाशिए पर चले गए युवा नेता सौरभ थपलियाल , अजेंद्र अजय और मनीष धस्माना का।

यानी चाटुकार और कान भरने वाले नेताओं की बजाए सीएम तीरथ युवा और समर्पित कार्यकर्ताओं को जगह देना चाहते हैं । क्योंकि उन्हें पता है कि अगर Ex CM त्रिवेंद्र की नाव डूबी है तो उसमें उनके बेलगाम सलाहकार और कान भरने वाले ओएसडी सबसे बड़े खलनायक बने थे। अब देखना होगा कि न्यूज़ वायरस की इस संभावित कोर टीम पर कब तक मुख्यमंत्री तीरथ की मुहर लगती है।