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Himachal Pradesh : यशवंतनगर, नेरीपुल सड़क गडडों में तबदील, विभाग नहीं ले रहा सुधराजगढ़

तीन जिलों को जोड़ने वाली यशवंतनगर-नेरीपुल. -छैला सड़क की हालत बीते कई वर्षों से बहुत दयनीय हो गई  है। बरसात के कारण सड़क गडडों में तबदील हो चुकी है और लोग जयराम सरकार को कोस रहे हैं । रासूमांदर क्षेत्र के जाने माने साहित्यकार विद्यानंद सरैक, जातीराम कमल, जगमोहन मेहता, हरिदास, मेहर सिंह, अरूण मेहता, नरायण सिंह, देवी चंद सहित अनेक लोगों ने इस रोड़ की अनेदेखी का आरोप लगाया है । बीते दो वर्षों से इस रोड़ को पक्का करने के धीमी गति से चल रहे कार्य पर भी लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए  हैं । इनका कहना है इस रोड़ पर गर्मियों में दिनों में धूल और बरसात में गडडों के कारण लोगों को  सफर करना बहुत कठिन हो जाता है ।

इस सड़क को पक्का करने की अतीत में हुई घोषणाओं बारे विद्यानंद सरैक ने बताया  कि पूर्व भाजपा सरकार के सीएम प्रेम कुमार धूमल द्वारा  करीब दस वर्ष पहले पराला मंडी के उद्घाटन के दौरान अपने भाषण में  छैला.नेरीपुल.यशवंतनगर. सोलन रोड़ को एपल रोड़ का नाम दिया गया था और इस रोड़ के सुधारीकरण व पक्का करने के लिए 100 करोड़ की परियोजना  स्वीकृत करने की घोषणा की गई थी । जोकि फाईलों में दफन होकर रह गई थी। तदोपंरात वीरभद्र सिंह के सीएम बनने पर इन्होने वर्ष 2017 में जाते जाते इस रोड़ के लिए 45 करोड़ रूपये की राशि मंजूर कीे गई थी । बताया कि उप चुनाव केे दौरान भाजपा के मंत्रियों द्वारा इस रोड़ का मुददा बनाया गया और आनन.फानन में टैंडर करवा कर रोड़ का काम शुरू कर दिया गया । काम आरंभ हुए दो साल से ज्यादा वक्त बीत चुका है परंतु सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं आया है । इस क्षेत्र का आरोप है कि इस रोड़ का कार्य कर रहे ठेकेदार ने सब टैंडरिंग देकर लोकल ठेकेदारों को काम पर लगाया गया था । जिससे रोड़ पर लगे डंगों की गुणवता पर कई सवाल उठने लगे हैं ।

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गौर रहे कि इन दिनों अपर शिमला का अधिकांश सेब तथा निचले क्षेत्रों से टमाटरए मटरए शिमला मिर्च इत्यादि नकदी  सब्जियां इस रोड़ से प्रदेश व देश की विभिन्न मंडियों में पहूंच रही है । ड्राईवर जान हथेली पर रखकर इस रोड़ पर सफर करते हैं । प्रशासन द्वारा सनौरा से नेरीपुल सड़क को दुर्घटना जोन में रखा गया है । सड़क की दयनीय स्थिति होने के कारण हर वर्ष  अनेक सेब व सब्जियों से लदी गाड़ियां झोल खाकर गिरि नदी में पहूंच जाती है । इस मार्ग  पर कहीं भी नालियां नहीं बनी है और बारिश का पानी सड़क पर आता है जिससे सड़कों का बहुत नुकसान होता है ।

अधिशासी अभियंता लोक निर्माण मंडल राजगढ़ नरेन्द्र वर्मा ने बताया कि बरसात के कारण काम बंद कर दिया गया है । इस रोड का 42 किलोमीटर हिस्सा राजगढ़ मंडल के अधीन आता है और इस रोड़ के सुधारीकरण की अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है ।