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MLA मोहिंदर गोयल जी रिठाला विधान सभा के साथ कुछ बातचीत

भूमिका बंसल

प्रशन 1 कोरोना जैसी महामारी में आप कौन कौन से कदम उठा रहे है ।

उतर – कोरोना जैसी महामारी मैं हम लोगों के अंदर अवेयरनएस कैंप चला रहे है हम चाहते हैं कि लोग शोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और जहां पर भी किसी को खाने के लिए जरूरत होती है । वहां खाना पहुंचाने का हम लोग कार्य कर रहे है । पहले आर्थिक दृष्टि से जो कमजोर थे उनके लिए हम लोग खाना प्रोवाइड करवा रहे थे और इस समय के अंदर जो कोरोना से पीड़ित हो जाता है व्यक्ति फॅमिली क्वारंटाइन हो जाती है उसके यहां पर कोई भी व्यक्ति उनकी सुध लेने वाला नहीं होता तो ऐसे में हम लोगों ने संकल्प लिया है कि उन परिवारों तक भी हम खाना पहुंचाएंगे जो क्वारंटाइन हो गए है मैं अपने विधानसभा के अंदर ऐसे पेशंट के पास खाना पंहुचा रहा हु जो क्वारंटाइन है ।

प्रशन- अब लॉकडाउन 5 को अनलॉक 1 का नाम दिया गया है आपका क्या विचार है कि धार्मिक स्थल माल और होलसेल मार्किट खुलनी चाहिए।

उतर- मेरे हिसाब से अभी खोलना नहीं चाहिए । जैसे की देश के अंदर फर्स्ट जनता कर्फ्यू आया था इन दिनों से कम केस थे । और आज जब पौने दो लाख के करीब में केसेस हैं तो इस समय मैं जब यह खोल रहे है तो यह हमारी दूरदृष्टि नहीं है ये दबाव के अंदर खोला जा रहा है । मेरा ये भी कहना है कि इस समय हमें और ऐहतियात के तौर पर कम से कम एक महीना तो आगे बढ़ना चाहिए था और इसमें ढील नहीं देनी चाहिए ।

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प्रशन आजकल मिडल क्लास के लोग मांग कर रहे हैं स्कूल कॉलेजों की फीस माफ करनी चाहिए। आप क्या कहेंगे।

उतर—कई लोगों के बीच में हम लोग रहते हैं । मिडिल क्लास व्यक्ति या कोई दूसरा व्यक्ति कोई डिमांड नहीं कर रहा आज इस बात की क्योकि सरकार के पास पैसा नहीं आ रहा है टैक्स का बहुत ज्यादा हो इस वजह से भी सरकारें अपना थोड़ा सा रवैया इस बात के अंदर ले रही है । लोग बाजारों में आएंगे जाएंगे तो टैक्स आएगा ।

प्रशन- ये चाइना और इंडिया में आजकल बहुत सी तनातनी चल रही है हमारे पीएम नरेंद्र मोदी जी ने भी आत्मनिर्भर बनाने का एक अभियान चला रहे हैं तो आपका क्या विचार है?

उत्तर– आत्मनिर्भर होना चाहिए । इस बात में कोई दोराय नहीं है आत्मनिर्भर के बगैर तो कुछ भी नहीं है और इस पूरे के पूरे एपिसोड से कोरोना महामारी के दौरान मैं जो भी देख रहा हूं इसके अंदर सरासर चाइना की गलती है ।

प्रशन मजदूरों की जो अभी दुर्गति हो रही है उसको कैसे सही कर सकते है।

उतर मजदूरों के साथ खेलना इस समय सरकारों का शौक है और ये हो रहा है लेकिन दिल्ली के अंदर हम लोगों ने मजदूरों के लिए बहुत से अच्छे कैंप भी लगाए और यहां पर खाना देने का और इनको ठहराने की व्यवस्था की और इस समय में इनके साथ में जो भी खिलवाड़ हो रहा है ये बहुत गलत है ।

प्रशन लॉक डाउन के चलते कई किराएदारों को बहुत परेशानी हो रही । अपना किराया नहीं दे पा रहे हैं तो आपका इसमें क्या मानना है । लैंडलॉर्ड को 2-3 महीने का किराया माफ करना चाहिए ।

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उतर देखिए कहीं न कहीं ये व्यक्ति को आपस में सेटलमेंट जरूर करनी चाहिए । जब लोगों के पास इनकम का कोई जरिया नहीं है । तो उसमे रियायत जरूर देनी चाहिए और मैं एक और बात कहना चाहूंगा । इसमें मैं पक्ष दूसरी की साइड भी ले रहा हु जिसके पास सिरफ इनकम सोर्स ही किराये का है तो थोड़ा सा उनको भी सोच लेना चाहिए यदि वो रियायत दे रहे हैं तो उनको कुछ किराया दे जिससे कि उसका भी गुजारा हो । दोनों तरफ से यह बात कह रहा हूँ |

प्रशन इस लॉक डाउन के चलते आपकी लाइफ में क्या परमानेंट चेंज आया है इसके बारे में कुछ बताइए ।

उतर मैं एक ही बात करना चाहूंगा हम लोग जो पैसे के पीछे मारामारी करके भागते हैं उसको छोड़कर हमें देश के बारे में अपनी जिन्दगी के बारे में भी सोचना चाहिए।