News Cubic Studio

Truth and Reality

देश के मशहूर उद्योगपति व टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा एक बार फिर सुर्खियों में हैं।New Delhi

मानवता की मिसाल पेश करते हुए उन्होंने मुंबई से लेकर पूणे तक के बीच लगभग 150 किमी का सफर तय किया और अपने पूर्व कर्मचारी से मिले। टाटा की ओर से इस तरह के कार्य की किसी को उम्मीद नहीं थी कि एक उद्योगपति अपने किसी पूर्व कर्मचारी से मिलने जा सकता है। यहीं वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग रतन टाटा की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

रतन टाटा अपने पूर्व कर्मचारी से मिलने खुद पहुंचे हैं।

दो साल से बीमार था कर्मचारी
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक रतन टाटा का पूर्व कर्मचारी बीते दो साल से बीमार चल रहा था। जब इस बात की सूचना टाटा ग्रुप के चेयरमैन को हुई तो खुद वह कर्मचारी का हाल-चाल लेने के लिए मुंबई से पुणे पहुंच गए।

कर्मचारी को भी नहीं थी उम्मीद
टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा 83 साल की उम्र में पूर्व कर्मचारी से मिलने जा सकते हैं, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। यहीं वजह है कि जब टााटा मुंबई से पुणे पहुंचे तो वहां पर मीडिया की ओर से कोई पत्रकार मौजूद नहीं था। रतन टाटा का यह दौरा बिल्कुल निजी रखा गया था।

पहले भी कर्मचारियों से मिलने पहुंच चुके हैं टाटा
रतन टाटा पहली बार नहीं बल्कि इससे पहले भी कई बार अपने कर्मचारियों से मिलने पहुंच चुके हैं। बताते चले कि वह 26-11 के हमले में जान गंवाने वाले परिवारों से भी मिल चुके हैं। उन्होंने पीडि़त परिवार के बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्चा भी उठाया था। साथ ही परिवार को मेडिकल कवर भी दिया था।

पेट लवर भी हैं टाटा
रतन टाटा को डॉग काफी पसंद हैं। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वह अकसर ट्विटर अकाउंट पर अपने डॉग के साथ फोटो शेयर करते हुए दिखाई देते हैं।

See also  Uttarakhand / Ramnagar : The three claimants of Ramnagar have expressed their willingness to sacrifice their electoral desire for Harish Rawat, saying – fight hard from here, we are ready to give up the claim