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Delhi : मनीष सिसोदिया ने कसा केंद्र सरकार पर तंज, वैक्सीन को लेकर पूछे तीखे सवाल

केंद्र सरकार आजकल सभी सवालों के घेरे में है, उनके हर फैसले से जनता और मुश्किलों में पड़ी है। चाहे वो वैक्सीन हो, ट्रीटमेंट हो या टेस्टिंग, मनीष सिसोदिया ने कहा –

केन्द्र सरकार ने वैक्सीनेशन प्रक्रिया का मजाक बना कर रख दिया है।

अमेरिका ने दिसंबर 2020 में फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन तीनों को मंजूरी दी। भारत में तीनों को अब तक मंजूरी नहीं दी गयी। ब्रिटेन ने Pfizer को को दिसंबर में मान्यता दे दी। लेकिन हमने अभी तक मान्यता नही दी।

रूस ने अगस्त 2020 में स्पूतनिक को मंजूरी दी थी, दिसंबर में मास वैक्सीनेशन शुरू कर दिया था। 2020 में हमारे देश की केन्द्र सरकार ने पहले स्पूतनिक को मंजूरी देने से मना कर दिया था जबकि उस समय तक 68 देश स्पूतनिक को मंज़ूरी दे चुके थे, हमने अप्रैल 2021 में जाकर मंजूरी दी है।

  • Pfizer – दुनिया के 85 देशों में मान्य।
  • Moderna – दुनिया के 46 देशों में मान्य।
  • J &J – 41 अन्य देशों में मान्य।

दुनिया के तमाम देशों ने इन वैक्सीन को मंजूरी देकर अपनी पूरी आबादी के लिए खरीद भी लिया, लेकिन हम अब तक मंजूरी भी न दे सके। अमेरिका ने मार्च 2020 में ही ऑपरेशन ‘वार्प सीड’ के नाम से वैक्सीन के लिए 10 बिलियन डॉलर का निवेश कर दिया था, जबकि उस समय तक वैक्सीन पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई थी। लेकिन हमारी केंद्र सरकार ने अप्रेल 2021 में जाकर यह किया और इतने महत्वपूर्ण महीने यूँ ही व्यर्थ गँवा दिए।

प्रधानमंत्री मोदी जी ने पहली बार नवंबर 2020 में सीरम इंस्टीट्यूट का दौरा किया था। आखिर क्यों उसी समय सरकार ने भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट में निवेश नहीं किया?
आखिर क्यों सरकार अप्रैल 2021 तक दोनों वैक्सीन उत्पादक कंपनियों को वित्तीय सहयोग देने का इंतजार करती रही?

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जब देश में कोरोना का हाहाकार मचा और वैक्सीन की क़िल्लत पर शोर मचा तो केन्द्र सरकार ने पल्ला झाड़ते हुए राज्य सरकारों से कहा कि ग्लोबल टेंडर निकालो और खुद वैक्सीन खरीदो।

कोई राज्य भी वैक्सीन कैसे खरीदेगा जब केन्द्र सरकार ने दुनिया भर में बनी वैक्सीन को मंजूरी ही नहीं दी।