News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttar Pradesh / Kanpur : जानलेवा हमले में घायल महिला घंटो तड़पी, ईएमओ भड़के तब हुआ सीटी स्कैन जूनियर डॉक्टर की संवेदनहीनता से मरीजों का भटकना जारी

हैलट अस्पताल में जूनियर डॉक्टर संवेदनहीनता से बाज नहीं आ रहे हैं। मरीजों और उनके तीमारदारों को इलाज के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा है  बुधवार को बांसमंडी अनवरगंज की रहने वाली चाकू से लहूलुहान हालत में आई घायल महिला नाजिमा परवीन (38) स्ट्रेचर पर एक घंटे से ज्यादा समय तक तड़पती रही। तभी राउंड कर रहे ईएमओ की नजर मरीज पर पड़ी। ईएमओ ने जब घायल महिला के बारे में जानकारी की तो पता चला कि,पेट में अंदरूनी घाव होने के कारण सीटी स्कैन कराने की जरूरत है। घायल महिला के इलाज में हो रही देरी पर उन्होंने जूनियर डॉक्टर को जमकर लताड़ लगाई उसके बाद इलाज शुरु हो सका। ननद सबीना से बताया कि उनके बड़े भाई मो.जाकिर की यह पत्नी हैं। सुबह लगभग 10 बजे देवर मो. शाकिर ने घर पर भाभी पर चाकू से हमला कर दिया। उनका भाई घर खाली करने के लिए आये दिन भाभी को मारता पीटता है। ननद ने बताया कि भाभी को दो जगह पेट में और एक जगह पीठ में घाव है। घायल महिला के भाई महबूब आलम ने बताया कि,हम घंटों से यहां खड़े हैं लेकिन कोई भी जिम्मेदार यहां कुछ नहीं बता रहा है। तभी एक डॉक्टर साहब ने दूसरे डाँक्टर को फटकार लगाई तब जाकर भर्ती के कागज बने और सीटी स्कैन हो सका।

हैलट में नहीं मिला इलाज तो चली गई घर
पतारा,घाटमपुर की रहने वाली रोशनी के दो साल पहले हुए एक्सीडेंट में सिर पर चोट आई थी। परिजनों ने बताया कि मंगलवार देर रात सिर में दर्द उठा, पास के एक डॉक्टर के पास लेकर गए उसने बताया कि पुरानी चोट की वजह से दर्द हो रहा है। किसी बड़े अस्पताल ले जाओ, उर्सला लेकर पहुंचे तो वहां से हैलट रेफर किया गया। हैलट में कहा जा रहा है कि उर्सला ले जाओ। कहीं इलाज नहीं मिल पा रहा है। अब घर ले जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में कहीं इलाज नहीं मिल रहा है।

See also  Uttarakhand / Dehradun : Dispute between university and school administration, lock on Doon campus of Kanya Gurukul

निजी नर्सिंग में हालत बिगड़ी तो ले आए हैलट
नवाबगंज की रहने वाली दूजा देवी मंगलवार को अपने घर मे गिर पड़ी थी। बेटे दिलीप बाथम ने बताया कि,माँ के सिर में गहरी चोट आने से स्वरूप नगर स्थित एक निजी अस्पताल में बुजुर्ग माँ को भर्ती कराया था। वहां बिल बढ़ता जा रहा था लेकिन मां की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। बुधवार दोपहर हैलट में भर्ती करके इनका इलाज शुरु किया गया। 

कोविड निगेटिव होने के बाद बिगड़ी हालत
उन्नाव के रहने वाले रवि प्रताप सिंह की कोविड निगेटिव होने के बाद हालत बिगड़ गई। साले शैलेंद्र ने बताया कि जिला अस्पताल लेकर गए थे वहां से इलाज के लिए मना कर दिया गया है। हैलट में इनकी जांचे कराई गई और इलाज शुरु किया गया।