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Uttarakhand : आयुर्वेद और एलोपेथिक एक तो फिर इनकी परीक्षाऐं अलग-अलग क्यों: प्रीतम सिंह 

वैश्विक महामारी के दौर में सरकार इस तरीके की व्यवस्थायें कर रही है जिसमें आयुर्वेद और एलोपेथ के बीच आपसी वैमनस्थ पैदा हो रहा है। सरकार को ऐसी विषम परिस्थितियों से बचना चाहिये। कांग्रेस भवन में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कांग्रेसियों संग बैठक में कहा कि भाजपा कि विवेकहीन सरकार जो निर्णय ले रही है जिससे वैमनस्थ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और एलोपेथिक एक है। तो फिर इनकी परिक्षायें अलग-अलग क्यों होती है। इन्हें तो तब एक ही में समायोजित कर परिक्षायें करानी चाहिए। प्रीतम सिहं ने कहा कि प्रश्न ये नहीं है कि आयुर्वेद चिकित्सों को एलोपेथिक का अधिकार दे दिया गया है प्रश्न ये है कि सरकार लोंगो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड कर रही है जो कदापि उचित नहीं है सरकार को अपने इस निर्णय पर पुर्नविचार करना चाहिए। बैठक में पूर्व विधायक राजकुमार, गंगोत्री विधायक, विजय पाल सजवाण, प्रदेश महासचिव विकास नेगी, राजेंद्र शाह, नवीन पयाल, अजय सिंह पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री आदि उपस्थित थे।

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