News Cubic Studio

Truth and Reality

हिन्दू शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम प्रयोग कहाँ से हुआ?

c

c

हिन्दू धर्म सामन्ती युग के धर्म के रूप में विकसित हुआ। यह विकास सिद्धान्त के और व्यवहार के दोनोंक्षेत्रों में किया गया,ताकि मध्य युग में अस्तित्व में आये सामाजिक ढांचे को कायम और सुदृढ़ बनाया जा सके।

1- हिन्दू शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम पारसी धर्म ग्रंथ “शातीर” में किया गया जिसमे कहा गया:–” अकनू विरहने व्यास नाम आज हिन्द आमद वस दाना कि अकल चुना नस्त” अर्थात व्यास नाम का एक ब्राह्मण हिन्द(भारत) से आया जिसके बराबर कोई दूसरा अक्लमंद नही था।” आगे कहा गया कि चूं व्यास हिंदी बलख आमद, गश्ताश जबरदस्त राव ख़्वान्द”याने जब हिन्द वाला व्यास बलख में आया तो ईरान के बादशाह गश्ता शप ने जरस्थ्रुष्टको बुलाया जो पारसी धर्म का प्रवर्तक था।—। ” (रजनी कांत शास्त्री –हिन्दू जातिका उत्थान और पतन पृष्ठ-03)अर्थात शातीर के अनुसार भारत को हिन्द और भारतीयों को हिंदी शब्द का प्रयोग किया गया। ऋग्वेद काल से लेकर शंकर तकके किसी भीप्राचीन भारतीय धर्म ग्रंथ में हिन्दू या हिंदी शब्द का प्रयोग नहीं मिलता है। जिनमे मिलता है वे प्राचीन नहीं बल्कि अर्वाचीन ग्रन्थ हैं।
2- “हिन्दू धर्म जिस रूप में आज हम उसे जानते हैं वैदिक काल में मौजूद नहीं था।यह सारतः मध्य युग की उपज है।——” हिन्दू धर्म सामंतवाद की जरूरतों को उसी प्रकार अभिव्यक्त करता था जिस प्रकार प्राचीन ब्राह्मणवाद उदीयमान दास प्रथा की आवश्यकताओं को अभिव्यक्त करता था।तोभी, यह एकदम नया नही था, क्योंकि यह प्राचीन श्रुतियों और स्मृतियों के मतवादों पर आधारित था। पुराने नियमों और सिद्धांतों की नई व्याख्याएं प्रस्तुत की गई और धार्मिक कर्मकांडों और यज्ञों ने एक नया सामाजिक महत्व ग्रहण कर लिया।”*(के,, दामोदरन भारतीय चिंतन परंपरापृष्ठ-215) स्प्ष्ट है कि धर्म ने कमजोर तबकों की उपेक्षा कीऔर हमेशा सम्पन्नों के पक्ष में खड़ा रहा।

See also  Realizing the necessity of a person for a fit body and a healthy mind, do we need to focus on our overall health?

गिरधर पंडित