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Uttar Pradesh / Kanpur : हैलट और उर्सला में मरीजों को टरकाने का मामला गरमाया,कमिश्नर से विधान परिषद सदस्य ने की शिकायत   प्रदेश सरकार की मंशा के मुताबिक इन अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलने का लगाया आरोप 

हैलट और उर्सला अस्पताल में मरीजों का इलाज करने की जगह उन्हें दूसरी जगह रेफर करने या भर्ती नहीं करने की शिकायत को लेकर विधान परिषद सदस्य सलिल विश्नोई और अरुण पाठक मंगलवार को कमिश्नर  डॉ. राजशेखर से मुलाकात की और शिकायती पत्र सौंपा।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के समय कानपुर और आसपास के जिलों के लोगो को हैलट और उर्सला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिली हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। प्रदेश सरकार की मंशा के मुताबिक इन अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। तीमारदार लगातार शिकायतें कर रहे हैं कि इन अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ ड्यूटी के समय गायब रहता है। सीनियर डॉक्टर नियमित निरीक्षण नहीं करते। पूरी चिकित्सा व्यवस्था जूनियर डाॅक्टरों के हवाले रहती है।

उन्होंने शिकायत पत्र में कहा है कि अस्पतालों में मरीजों को भोजन मानक के अनुरूप नहीं दिया जा रहा। निशुल्क दवा का नियमित वितरण नहीं होता है। मरीजों को एक्सरे,सीटी स्कैन आदि जांच में असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। उर्सला जिला अस्पताल में सुविधाएं होने के बाद भी मरीजों को हैलट रेफर कर दिया जाता है। हैलट पहुंचने वाले मरीजों को भी बिना चिकित्सीय सुविधा दिए लौटा दिया जाता है। यह मामले आये दिन सामने आ रहे है। विधान परिषद सदस्य ने शिकायती पत्र सौंपकर सरकार की मंशा का ध्यान रखते हुए अनुरूप सुविधाएं मुहैय्या कराने को कहा। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए 22 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुई बैठक में चाचा नेहरू अस्पताल का भी उच्चीकरण करने और बच्चों के लिए 50 बेड की व्यवस्था के लिए कहा गया था। वहीं हैलट में 1786 बेड में से केवल 530 बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था है। इसलिए हैलट में और अधिक बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था की जाए जिससे और अधिक लोगों को ऑक्सीजन की सुविधा मिल सके।

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