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Uttarakhand : किसान संगठनों ने काला दिवस मनाया 

राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को किसान आंदोलन के छह महीने पूरे हो जाने पर काला दिवस मनाया। कोरोना संक्रमण को देखते हुए किसानों ने अपने घरों में काले झंडे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने अपने अपने गांव में काले झंडे लेकर नारेबाजी भी। कुछ जगह सरकार का पुतला भी फूंका गया। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून के खिलाफ पिछले छह महीने से दिल्ली की सीमाओं पर विभिन्न किसान संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के चलते ही संयुक्त किसान मोर्चा का गठन किया गया था। राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 मई को आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर काला दिवस मनाने का एलान किया था। किसान संगठनों के आह्वान पर स्थानीय किसान नेताओं ने बुधवार को अपने अपने गांव में शारीरिक दूरी बनाते हुए अपने प्रतिष्ठानों, मकानों तथा वाहनों पर काले झंडे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री, प्रदेश महासचिव चौधरी रवि कुमार तथा गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, चौधरी धर्मेंद्र सिंह, सुक्ररम पाल सिंह, चौधरी राममूर्ति, ऋषिपाल, अंकुर चौधरी, कुलदीप सैनी, संजीव चेयरमैन, मोहमद अजीज, शोएब अंसारी, मोहमद अरशद, हरेंद्र सिंह, चौधरी रामपाल सिंह, चौधरी महकार सिंह, आदि ने अपने-अपने गांव तथा घरों पर रहकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किये। इसके अलावा मुंडलाना क्षेत्र के गांव हरजौली जट्ट गांव में संजीव प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने काला दिवस मनाया। सरकार का पुतला दहन कर काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में विवेक लोहान, अजयंत चौधरी, अजय मोर्य, जितेंद्र कुमार, राजपाल, पवन, सुभाष आदि शामिल रहे।

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