News Cubic Studio

Truth and Reality

Uttarakhand / Bageswar : युवाओं की ज़िन्दगी के साथ परिवार हो रहे हैं नशे से बर्बाद

  • 18.55 ग्राम स्मैक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, एक लाख अस्सी हजार रूपये है बाजार मूल्य

शहर की रगों में नशा बसता जा रहा है, दिनों दिन नशे की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं। कभी चोरी छिपे बिकने वाले नशे का सामान, आज धड़ल्ले से बिक रहा है। स्मैक के धुएं से जवानी सुलग रही और नशीले इंजेक्शन नशों में उतारे जा रहे हैं। शहर की गली-गली में नशे के दीवाने झूमते दिख रहे हैं। सुनसान स्थानों पर स्मैक और नशीले इंजेक्शन लगाते देखे जा सकते हैं। नशे के आदी युवाओं की बर्बादी का मंजर खुलेआम शहर में चलता जा रहा है। वही शहर में सबसे ज्यादा युवाओं के अंदर स्मैक का नंशा फैल रहा है। जो युवाओं के परिवारों को बर्बादी की ओर ले जा रहा है। महंगा नशा नशेड़ी के साथ ही पूरे परिवार को तबाह कर रहा है।

फिल्म उड़ता पंजाब में ड्रग्स के नशे में डूबी दुनिया को पर्दे पर उतारा गया है इसमें दिखाया गया है कि नशे के चंगुल में फंस कर किस तरह लोग बर्बादी के कगार पर पहुंच रहे हैं। इन दिनों कुछ ऐसा ही बागेश्वर शहर के युवाओं में देखने को मिल रहा है। शहर की युवा पीढ़ी में तेजी से नशे की लत फैल रही है। वहीं जवान हो रही पीढ़ी (16 से 30 साल) में नशे की लत तेजी से फैल रही है। यह नशा शराब या सिगरेट का नहीं है, बल्कि गांजा, चरस, स्मैक और नशीली दवाओं का है। इस तरह का नशा करने की वजह से युवाओं की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। कई का तो मनो चिकित्सालयों में इलाज भी चल रहा है, वहीं इस नशे के आदि होने के बाद से क्षेत्र में क्राईम भी बढ़ते जा रहे है।

See also  Uttarakhand / Haridwar: There is a pile of garbage in front of the school, how will the children study?

बागेश्वर जनपद में लगातार बड़ रहे नशे के कारोबारी हर किसी के लिए परेशानी बने हुए हैं। बेहद परेशान करने वाली बात तो यह है कि इस कारोबार में अधिकतर छोटी उम्र का युवा नजर आ रहा है। जो आने वाली पीढ़ी के लिए किसी अभिशाप से कम नही है।
नशे के सौदागरों पर लगातार दबिश देते हुए बागेश्वर पुलिस ने एक आरोपी को एक लाख अस्सी हजार मूल्य की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है । गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक, बागेश्वर द्वारा युवाओं में बढ़ते हुए नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने/नशा मुक्त भारत अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी /बिक्री करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया गया है। साथ ही नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का आदेश दिया गया है। “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत एसओजी टीम  व कोतवाली पुलिस द्वारा चैकिंग के दौरान 18.55 ग्राम अवैध स्मैक के साथ किया एक आरोपी को गिरफ्तार।
सोमवार को कोतवाली में प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस उपाधीक्षक, बागेश्वर शिव राज सिंह राणा के पर्यवेक्षण में व एस0ओ0जी0 प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला के नेतृत्व में दिनांक: 12/06/2022 को SOG टीम व कोतवाली पुलिस द्वारा कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत शान्ति व्यवस्था/अवैध मादक पदार्थों की चैकिंग ड्यूटी के दौरान मुखबीर की सूचना पर बिलौना तुनेरा गधेरा से 02 व्यक्ति सुरेश सिंह पुत्र स्व0 आन सिंह, निवासी-द्वारसों, पो0-आरे, थाना-कोतवाली बागेश्वर, जनपद-बागेश्वर, उम्र-30 वर्ष एवं ब्रजेश खेतवाल, पुत्र बिशन सिंह खेतवाल, निवासी-आरे, कोतवाली बागेश्वर, जनपद-बागेश्वर, उम्र-27 वर्ष से पूछताछ किये जाने पर दोनों के कब्जे से 18.55 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को मौके से स्मैक के साथ गिरफ्तार कर उक्त ब्यक्ति के विरुद्ध कोतवाली बागेश्वर में FIR No. 47/2022 धारा 8/21 NDPS Act का अभियोग पंजीकृत किया गया । अभियुक्त को मान0 न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।

See also  Uttar Pradesh / Saharanpur : Vishwakarma Chowk's historic bridge collapsed, no one responsible?

गिरफ्तार करने वाली टीम

  1. उ0नि0 कुंदन सिंह रौतेला प्रभारी एस0ओ0जी0 बागेश्वर।
  2. आरक्षी राजेश भट्ट SOG।
  3. आरक्षी संतोष सिंह SOG।
    4.आरक्षी रमेश सिंह SOG।
  4. चालक राजेन्द्र कुमार SOG।
  5. आरक्षी केदार सिंह कोतवाली बागेश्वर।
    8- आरक्षी नरेन्द्र गिरी कोतवाली बागेश्वर।

2022 में पांच मामलों में हुई गिरफ़्तारी-
वर्ष 2022 में अब तक पाँच घटनाओं में कुल 85.90 ग्राम स्मैक पकड़ने में पुलिस सफल रही परन्तु इससे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आपका समाज या आने वाली नई पीढ़ी कितनी सुरक्षित है।

बढ़ रहा है अपराध-
क्षेत्र में युवा पिढ़ी द्वारा नशे के ज्यादा आदि हो जाने के बाद से क्षेत्र में चोरी, लूटपाट, मारपीट जैसी घटना लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं अब क्षेत्र में चंद रुपयों के कारण युवाओं लूट करते नजर रहे है। क्षेत्र में पिछले दो वर्षों के आकड़े देखे जाये तो क्षेत्र में हुई चोरी, लूटपाट सहित वारदातों में सबसे ज्यादा युवा वर्ग के आरोपी थे।

कुछ दिनों में हो जाते है नशे के आदि-
स्मैक का नशा युवाओं के दिलो दिमाग पर इस कदर छा जाता है कि 15 दिन में ये इसके आदी हो जाते हैं। इसकी तलब मिटाने के लिए स्मैकची को जैसे-तैसे स्मैक का जुगाड़ करना पड़ता है। स्मैक नहीं मिलने पर युवाओं में गुस्सा होना, झगड़ा करना इत्यादि आदतें सामान्य हो जाती है। ऐसे में महंगे नशे का शौक पूरा करने के लिए कई युवा अपराध की राह चुन रहे हैं। शहर में स्मैक के आदी कई युवा वर्तमान में नशामुक्ति केन्द्र में उपचार ले रहे हैं।

ज्यादातार कॉलेज के छात्र भी शामिल-
स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहे कई छात्र नशेडिय़ों के चंगुल में फंस जाते हैं। शुरू में इन्हें शौक के लिए स्मैक का नशा कराया जाता है। बाद में यह नशा छात्रों के जेहन में इतना उतर जाता है कि वे इसके आदि हो सके।

See also  Uttarakhand / Roorkee: E-rickshaw driver brutally murdered, body found wrapped in plastic, sensation created in the area

राजकुमार सिंह परिहार