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Uttarakhand / Haridwar : वैष्णव संतों ने दी श्रीमहंत कृष्णदास महाराज को श्रद्धांजलि

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अखिल भारतीय श्री पंच दिगंबर अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत कृष्णदास महाराज के साकेत वासी हो जाने पर वैष्णव संतो ने बैरागी कैंप में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बैरागी कैंप स्थित अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़े में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान महंत गोविंद दास महाराज ने कहा कि श्रीमहंत कृष्णदास महाराज का अचानक साकेत वासी हो जाना समस्त वैष्णव समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। श्रीमहंत कृष्णदास महाराज के नेतृत्व में श्री पंच दिगंबर अनी अखाड़ा निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर हो रहा था। उनका कुशल नेतृत्व और वर्षों का अनुभव युवा संतो को लगातार प्रेरित कर रहा था। उनका आकस्मिक समय चले जाने से वैष्णव समाज को गहरा आघात लगा है। निर्मोही अनी अखाड़े के प्रवक्ता महंत रघुवीर दास महाराज ने कहा कि साकेतवासी श्रीमहंत कृष्णदास महाराज सहज सरल और मधुरभाषी संत थे तथा सभी की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे। महंत हरिदास माला धारी महाराज ने कहा कि महापुरुषों का जीवन सदैव मानव समाज के लिए हितकारी होता है। श्रीमहंत कृष्णदास महाराज एक महान संत थे। जिन्होंने सदैव अखाड़े की परंपराओं का निर्वहन करते हुए भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का प्रचार प्रसार किया। विगत कुंभ मेला 2021 भी उनके नेतृत्व में सकुशल संपन्न हुआ। प्रभु ऐसे महान संत को अपने श्री चरणों में स्थान दें। महंत संत दास महाराज ने कहा कि श्रीमहंत कृष्णदास महाराज एक युगपुरुष थे। जिन्होंने सदैव भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाकर राष्ट्र कल्याण और मानव सेवा के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र निर्माण में उनके अहम योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे महापुरुषों को संत समाज सदैव नमन करता है। उन्होंने कहा कि श्रीमहंत कृष्णदास महाराज ने सदैव ही गरीब असहाय लोगों की सहायता कर समाज को सेवा का संदेश दिया। युवा संतो को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण संवर्धन में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए। इस दौरान महंत देवराम दास, महंत राजेश दास, महंत विजय राघव दास, महंत निर्मल दास, स्वामी अमित दास, महंत रामदास, महंत हितेश दास आदि ने भी श्रीमहंत कृष्णदास महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि प्रदान की।

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